धमतरी में जमीन की खरीदी बिक्री के मामले के साथ रजिस्ट्री और नामांतरण को लेकर अधिकारियों द्वारा पैसों की डिमांड की जाती है।इस के साथ ही राज्य सरकार ने जमीन की खरीदी बिक्री एवं नामांतरण और बंटवारा को पहले से सरल बना दिया है। ताकि लोगों को परेशानी ना हो। लेकिन धमतरी में अगर जमीन के संबंध में अधिकारी कर्मचारियों से कुछ काम कराना हो तो पहले अपनी जेब ढीली करनी पड़ती है अगर ऐसे में उन्हें पैसा नहीं दिया जाता है तो काम को पेंडिंग में डाल दिया जाता है। ऐसे ही मामला धमतरी शहर से सामने आया है जहां एक जमीन के नामांतरण को लेकर पैसे मांगने का आरोप पटवारी के अधीन काम करने वाले कर्मचारी के ऊपर लगाया गया है।जिसकी शिकायत सुशासन तिहार के तहत धमतरी शहर में लगे समाधान शिविर में की गई है।वही शिकायत के बाद कलेक्टर ने इसकी जांच की बात कही है।धमतरी शहर के रहने वाले शिवा प्रधान ने बताया कि उन्होंने जमीन खरीदी है।जिसके नामांतरण के लिए उन्होंने पटवारी कार्यालय धमतरी में आवेदन लगाया है। वही नामांतरण के बदले पटवारी के कर्मचारी ने 4 हजार रुपये की मांग की है।जिस पर आपत्ति दर्ज करने पर कर्मचारी द्वारा कहा गया कि पटवारी और तहसीलदार को देना पड़ता है।तो आपको पैसा देना ही पड़ेगा तभी आपका काम हो पायेगा। जिससे परेशान होकर शिवा प्रधान ने इसकी शिकायत समाधान शिविर में जाकर की है। वही कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने इस संबंधन में कहा कि इस मामले की जांच की जाएगी और गवर्नमेंट प्रोसेस की भी बात कही है।