धमतरी शिक्षा के मामले में काफी बेहतर जिला रहा है। हर साल जिले से तीन से चार बच्चें टॉपटेन में जगह बनाते थे। लेकिन इस बार जिले में कक्षा 10वीं और 12वीं का बोर्ड परीक्षा का परिणाम निराशाजनक आया है। पूरे प्रदेश में धमतरी जिले का कक्षा दसवीं में 24वां और 12वीं के रिजल्ट में 21वां स्थान आया है। जिसको लेकर अब समीक्षा शुरू हो गई है। वहीं संयुक्त संचालक शिक्षा विभाग ने धमतरी के बालक स्कूल में जिले के सभी प्राचार्यो की बैठक लेकर रिजल्ट को लेकर समीक्षा किया और 50 प्रतिशत से कम रिजल्ट आने वाले प्राचार्य का एक वेतन वृद्धि रोकने का आदेश दिया है। इसके साथ ही जिस विषय में रिजल्ट 50 प्रतिशत से नीचे है उसके शिक्षक का भी एक वेतन वृद्धि रोकने का आदेश दिया गया है। जिसको लेकर शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।बता दे की कुछ दिनों पहले 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट आया है।जिले का रिजल्ट इस बार बेहद खराब मानी जा रही है,वही धमतरी के कई स्कूल ऐसे हैं जहां पर 80 प्रतिशत बच्चे फेल हो गए हैं।जिसको लेकर प्राचार्य और शिक्षकों के कार्य शैली पर सवाल उठना शुरू हो गया है।ऐसे में अब खराब रिजल्ट को लेकर शिक्षा विभाग ने समीक्षा शुरू कर दी है और जिन स्कूलों का खराब रिजल्ट आया है वहां के प्राचार्य और विषय शिक्षकों पर भी गाज गिरी है।जिला शिक्षा अधिकारी का कहना है कि संयुक्त संचालक के आदेश के बाद खराब रिजल्ट वाले स्कूल के प्राचार्य और शिक्षकों की लिस्ट बनाई जा रही है।जिसके बाद लिस्ट को विभाग को भेजा जाएगा।