धमतरी जिले में पिछले लगभग दो सप्ताह से हो रही बारिश से गंगरेल की प्यास अब लगभग बुझ चुकी है। 32 टीएमसी से ज्यादा पानी के भराव की क्षमता वाले इस बांध में अब 29 टीएमसी से ज्यादा पानी भराव हो चुका है। वहीं इसके साथ बांध के पांच गेटों और कैनाल से लगभग 10 हजार क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ प्रदेश का सबसे बड़ा बांध कहे जाने वाला गंगरेल अब लगभग 88 प्रतिशत लगभग भर गया है। जिसके चलते बांध के तीन गेटों और कैनाल से पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है। इस साल पड़ी भीषण गर्मी के चलते लगातार वाटर लेवल डाउन होने के कारण मानसून की शुरुआत होते तक मात्र 6 टीएमसी पानी इस बांध में बचा था। मानसून की शुरुआती दौर में बरसात नहीं होने के कारण बांध सूखने की हालत में पहुंच गया था। लेकिन झमाझम बारिश के चलते महज 15 से 16 दिनों में ही बांध में 23 टीएमसी पानी की आवक हो चुकी है। जल संसाधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार 4 अगस्त 2 बजे तक की स्थिति में गंगरेल बांध में पानी की आवक लगभग 6 हजार क्यूसेक प्रति सेकंड से ज्यादा हो रही है। बांध के 5 गेट और केनाल के माध्यम से लगभग 10 हजार क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज किया जा रहा है।