धमतरी के उदंती सीता नदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र के ग्रामीणों पर आंसू गैस के गोले दागे जाने से आदिवासी समाज में काफी आक्रोश है। इसे लेकर सर्व आदिवासी समाज ने पुलिस के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया है और घटना की न्यायिक जांच की मांग कलेक्टर से की है।
बताया गया कि 22 जून को उदंती सीता नदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र के 40 से अधिक गांवों के लोग सड़क, पुल-पुलिया, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर धमतरी कलेक्ट्रेट का घेराव करने जा रहे थे। पुलिस ने उन्हें बनरौद फॉरेस्ट नाका के पास बैरिकेडिंग कर रोक दिया। इस दौरान भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े, जिससे अफरा-तफरी मच गई।
सर्व आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष जीवरखन लाल मरई ने गुरुवार शाम चर्चा के दौरान कहा कि यह घटना निंदनीय है। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को प्रदेश स्तरीय आदिवासी समाज की बैठक में उठाकर आगे की रणनीति तय की जाएगी। उनका आरोप है कि पुलिस का रवैया आदिवासियों पर अत्याचार जैसा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
वहीं एएसपी शैलेंद्र पांडे ने कहा कि आंसू गैस के गोले खाली जगह पर छोड़े गए थे, ताकि भीड़ को तितर-बितर किया जा सके। उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रदर्शनकारियों ने वन विभाग के जांच नाके को नुकसान पहुंचाया और पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई की।