एनएसयूआई ने नीट 2026 परीक्षा में हुए कथित पेपर लीक के विरोध में गुरुवार को प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन धमतरी शहर के गांधी मैदान में आयोजित किया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया गया।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच झूमाझटकी भी हुई। एनएसयूआई जिलाध्यक्ष राजा देवांगन ने छात्रों के भविष्य पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि लाखों छात्र वर्षों की मेहनत और माता-पिता के सपनों के साथ नीट जैसी परीक्षाओं में शामिल होते हैं। लेकिन बार-बार हो रहे पेपर लीक ने छात्रों का विश्वास तोड़ दिया है।
देवांगन ने 2015 के एआईपीएमटी और 2024 के नीट पेपर लीक का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अब 2026 में फिर पेपर लीक होना देश की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। यह एक बड़ा प्रश्नचिह्न है। एनएसयूआई ने इस मुद्दे पर न्याय की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि छात्रों को न्याय नहीं मिला तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
एनएसयूआई की प्रमुख मांगें
प्रदर्शन के दौरान राजा देवांगन ने कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं। उन्होंने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को तत्काल भंग करने की मांग की। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग भी की गई। पूरे मामले की उच्चतम न्यायालय की निगरानी में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) जांच कराई जाए। यह मांग छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए है।
एनएसयूआई ने प्रभावित छात्रों के लिए विशेष सहायता की मांग की। इसमें मानसिक स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराना शामिल है। निशुल्क कानूनी सहायता प्रदान करने की भी मांग उठाई गई। साथ ही, प्रभावित छात्रों को आर्थिक सहयोग देने की भी अपील की गई। एनएसयूआई ने इसे लाखों छात्रों के भविष्य और परिवारों के विश्वास का प्रश्न बताया।