नगर निगम धमतरी के कांग्रेसी पार्षदों ने निगम प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का बड़ा मुद्दा उठाया है। पार्षदों ने एक प्लॉट पर निजी काम करते हुए एक जेसीबी मशीन को रंगे हाथों पकड़ा।
इस घटना के बाद पार्षदों ने मौके पर ही जमकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने निगम के वाहनों के निजी उपयोग पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। कांग्रेसी पार्षदों का कहना है कि वार्डों के विकास कार्यों के लिए डीजल संकट का बहाना बनाया जाता है। इस कारण जेसीबी मशीनें नहीं भेजी जाती हैं।
दूसरी ओर, निजी व्यक्तियों को लाभ पहुंचाने के लिए निगम की जेसीबी का धड़ल्ले से उपयोग किया जा रहा है। पार्षदों ने वाहन प्रभारी इंजीनियर को मौके पर बुलाकर कड़ा विरोध जताया। उन्होंने इस पूरे मामले पर स्पष्टीकरण की मांग की। पार्षदों ने महापौर पर भी निशाना साधा है।
पार्षदों के गंभीर आरोप
पार्षदों ने आरोप लगाया कि महापौर शहर में डीजल संकट की बात करते हैं। लेकिन अपने निजी लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए जेसीबी तुरंत भेज देते हैं। जब वार्ड पार्षदों द्वारा जेसीबी की मांग की जाती है, तो उन्हें 'डीजल नहीं है' कहकर टाल दिया जाता है। यह स्थिति आम जनता के लिए परेशानी का सबब बन गई है। पार्षदों का कहना है कि यह जनता के साथ धोखा है। वे इस दोहरे मापदंड का कड़ा विरोध कर रहे हैं।
महापौर का जांच का आश्वासन
इस पूरे मामले पर महापौर ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण की जांच की जाएगी। जांच के बाद दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। पार्षदों ने चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो वे अपना आंदोलन तेज करेंगे। वे चाहते हैं कि सरकारी संसाधनों का उपयोग केवल जनहित में हो।