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इंद्रावती के जंगलों में लोकतंत्र की दस्तक: दो दशक बाद महेश गागड़ा का ऐतिहासिक दौरा, कभी नक्सलियों का था कब्जा

Thu, 09 Apr 2026 04:08 PM IST
बीजापुर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुर

कभी माओवादी आतंक की गिरफ्त में रहे इंद्रावती नेशनल पार्क के घने जंगलों में अब बदलाव की एक नई कहानी लिखी जा रही है। करीब दो दशक तक नक्सलवाद के प्रभाव में रहने के बाद, इस क्षेत्र में पहली बार किसी जनप्रतिनिधि ने दस्तक दी है। पूर्व मंत्री महेश गागड़ा का यह ऐतिहासिक दौरा, वर्षों से भय और दहशत का पर्याय बने इस इलाके के लिए एक नई सुबह का संकेत है, जहाँ अब लोकतंत्र और विकास की राह प्रशस्त हो रही है।

दशकों बाद जनप्रतिनिधि का आगमन
पूर्व मंत्री महेश गागड़ा ने अपने कार्यकर्ताओं के साथ सागमेटा और पिल्लूर गांव का दौरा किया। यह वही सागमेटा इलाका है, जहाँ कभी नक्सलियों ने बैरिकेडिंग कर रखी थी और उनकी अनुमति के बिना किसी का भी नेशनल पार्क में प्रवेश करना असंभव था। पिछले लगभग 20 वर्षों से यह पूरा क्षेत्र माओवादियों के प्रभाव में रहा, जिसने जनप्रतिनिधियों के प्रवेश को लगभग नामुमकिन बना दिया था। वर्ष 2007 के बाद से, लगभग 2200 वर्ग किलोमीटर का यह विशाल क्षेत्र पूरी तरह से नक्सलियों के नियंत्रण में था।

हालात में बड़ा बदलाव तब आया जब माओवादियों के अंतिम एसजेडसी लीडर पापा राव ने 31 मार्च 2026 के बाद आत्मसमर्पण किया। इस घटनाक्रम के बाद, क्षेत्र में शांति और सुरक्षा की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला।
 
भय के साये से विकास की ओर
पूर्व मंत्री गागड़ा का यह दौरा महज एक औपचारिक यात्रा नहीं है, बल्कि यह उन ग्रामीणों के लिए एक प्रतीकात्मक बदलाव का प्रतीक है जो दशकों से दहशत का जीवन जी रहे थे। जिन रास्तों पर कभी सन्नाटा और खौफ पसरा रहता था, वहां अब जनजीवन की हलचल सुनाई देने लगी है।

जमीनी स्तर पर विकास के कार्य भी अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगे हैं। संकरे रास्तों और पगडंडियों की जगह अब सड़कों का निर्माण हो रहा है, गांवों तक बिजली पहुंचाई जा रही है, और सुरक्षा बलों के कैंप स्थापित किए जा चुके हैं। इन बदलावों ने स्थानीय निवासियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया है। बच्चे अब खुले माहौल में खेल रहे हैं और लोग बिना किसी भय के अपने विचार व्यक्त कर पा रहे हैं।  
ल आतंक से लोकतंत्र की ओर
बीजापुर का यह क्षेत्र अब लाल आतंक की काली छाया से बाहर निकलकर लोकतंत्र और विकास की राह पर अग्रसर हो रहा है। पूर्व मंत्री महेश गागड़ा के इस दौरे का स्थानीय ग्रामीणों ने जगह-जगह फूल मालाओं से स्वागत कर गर्मजोशी से अभिनंदन किया।  
यह स्वागत इस बात का प्रमाण है कि लोग अब बदलाव को अपना रहे हैं और एक सुरक्षित व विकसित भविष्य की उम्मीद कर रहे हैं।या से बाहर निकलकर लोकतंत्र और विकास की राह पर अग्रसर होता दिखाई दे रहा है। पूर्व मंत्री महेश गागड़ा के दौरे के दौरान ग्रामीणों ने जगह जगह फूल मालाओं से उनका स्वागत किया।

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