भाटापारा शहर और जिले में लंबे समय से सक्रिय ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क पर पुलिस ने एक और बड़ी कार्यवाही करते हुए मुख्य सट्टा संचालक दीपक घिरवानी को गिरफ्तार किया है। हालांकि, शहर में सक्रिय भूमिगत सटोरियों तक पुलिस की पहुंच न बन पाने पर सवाल भी उठने लगे हैं। पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता के निर्देशन में की गई इस कार्यवाही में पुलिस ने तकनीकी मदद और साइबर सेल के सहयोग से दीपक घिरवानी को पकड़ने में सफलता पाई है। आरोपी दीपक नागपुर (महाराष्ट्र) का रहने वाला है और पिछले कई महीनों से फरार था। पूर्व में गोवा के बोगमालो इलाके में की गई छापेमारी के दौरान 16 आरोपियों को रंगे हाथों ऑनलाइन सट्टा संचालन करते हुए पकड़ा गया था। तीन बड़े ऑनलाइन पैनल – खेलो यार, आरबीसी 139 और वीनबज 7 के माध्यम से आईपीएल मैचों पर सट्टा लगाया जा रहा था। इन आरोपियों के पास से कुल ₹8,15,000 मूल्य के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स जब्त किए गए थे। पूछताछ में दीपक ने बताया कि वह अपने मोबाइल के जरिए बैंक खातों का उपयोग कर सट्टा संचालन करता था। विभिन्न लड़कों को आईडी बनाकर सट्टा संचालन करने की जिम्मेदारी देता था और उनके वेतन व सट्टा लेन-देन खुद के खातों से ट्रांजैक्शन करके करता था। हवाला के जरिए रकम निकालकर आगे भेजी जाती थी। पुलिस ने आरोपी के पास से 2 मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। थाना भाटापारा शहर की पुलिस टीम ने 25 जुलाई को दीपक घिरवानी को हिरासत में लेकर न्यायालय में प्रस्तुत करने की कार्यवाही शुरू की है। हालांकि जिला और भाटापारा पुलिस ने बाहरी राज्यों के सटोरियों को पकड़कर वाहवाही बटोरी है, लेकिन स्थानीय भूमिगत सट्टा कारोबारियों पर अब तक कोई बड़ी कार्यवाही न हो पाने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता ने आश्वस्त किया है कि प्रकरण में अन्य सहयोगियों की तलाश जारी है और शहर में सट्टा कारोबार पर पूर्ण विराम लगाने हर स्तर पर कार्रवाई की जाएगी।