बालोद में आरटीआई कार्यकर्ता अजय अग्रवाल की शिकायत के बाद केंद्रीय मंत्रालय के निर्देश पर 133 करोड़ की लागत से बने 27.28 किलोमीटर लंबे झलमला से शेरपार तक एनएच-930 की सड़क गुणवत्ता जांच के लिए गुरुवार देर रात टीम मौके पर पहुंची। अधीक्षण अभियंता एस.एस. मांझी, कार्यपाल अभियंता बिलासपुर नितीश तिवारी, एस.के. सूर्यवंशी (एसडीओ बलौदाबाजार), अभिजीत सोनी (प्रयोगशाला प्रभारी), ठेकेदार की टीम और स्थानीय एनएच विभाग के एसडीओ-सब इंजीनियर सहित कर्मचारी मौजूद रहे।जांच टीम ने देर रात तक दर्जनों स्थानों पर कोर कटिंग की और सड़क की मोटाई व गुणवत्ता का परीक्षण किया। इसके साथ ही सैंपल भी प्रयोगशाला जांच हेतु ले जाया गया।अधीक्षण अभियंता एस.एस. मांझी ने मौके पर सड़क पर आई दरारों और गड्ढों को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने बारिश के बाद कई जगह आई दरारों को तत्काल प्रभाव से उखाड़कर दोबारा दुरुस्त करने के निर्देश ठेकेदार को दिए। इस दौरान उन्होंने लापरवाही पर ठेकेदार कर्मचारियों को फटकार भी लगाई।