बालोद में आज सुबह तड़के बालोद और गुंडरदेही में एस्मा का हवाला देते हुए समिति प्रबंधक और कंप्यूटर ऑपरेटर को गिरफ्तार कर लिया गया जिसके बाद से माहौल माने लगा और सैकड़ो की संख्या में कंप्यूटर ऑपरेटर और समिति प्रबंधक बालोद पुलिस कंट्रोल रूम पहुंचे जहां पर गिरफ्तार किए हुए प्रबंधकों को रखा गया था जमकर नारेबाजी की गई पुलिस सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देती रही और इधर कोई भी जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी जवाब देने की स्थिति में नहीं रहा आखिर इनको सुबह-सुबह गिरफ्तार क्यों किया गया है वहीं दूसरी तरफ जिला कांग्रेस कमेटी भी पूरे मामले को लेकर सक्रिय हो गई और उनके समर्थन में खड़ी रही। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी ने बताया कि बालोद जिले के लिए ये बड़े शर्म की बात है शांति पूर्ण ढंग से आन्दोलन कर रहे कर्मचारियों को सुबह सुबह गिरफ्तार कर लिया गया है और यहां हमने अधिकारियों से बात किया तो पता चला कि अधिकारियों को खुद ही नहीं पता कि गिरफ्तार क्यों किया गया है जिसे देखते हुए आज हम उनके समर्थन में पहुंचे हुए हैं वहीं उन्होंने सीधे सीधे इसे सरकार की नाकामी बताया और कहा कि सरकार कई सारे हथकंडे अपना रही है। हमारा क्या कसूर प्रबंधक संघ के जिलाध्यक्ष गजेन्द्र देशमुख ने बताया कि हमारे साथियों ने न किसी को मारा है ना किसी की हत्या की है ना ही चोरी की है बिना किसी वजह के उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है आखिर यहां पर शासन और प्रशासन क्या कहना चाह रही है कुछ समझ में नहीं आ रहा है हम इसका विरोध करते हैं और रिहाई की मांग लेकर यहां पर आए हुए हैं, वहीं कंप्यूटर ऑपरेटर संघ के जिलाध्यक्ष प्रेम योगेश साहू ने बताया कि अचानक हमारे साथियों को पुलिस भेज कर गिरफ्तार किया जाता है और हम तो अपनी मांगों को लेकर संभाग स्तर पर प्रदर्शन कर रहे थे और बालोद जिले के अनेक साथियों को क्यों अचानक गिरफ्तार किया गया समझ नहीं आ रहा है उन्होंने बताया कि सबसे पहले गुंडागर्दी में एक व्यक्ति जो हमारे साथ ही है उसे गिरफ्तार किया गया था जिसे हमने रिहाई करवाया उसके बाद अब हम पुलिस कंट्रोल रूम आए हैं जहां पर हमारे पांच साथियों को गिरफ्तार किया गया है उन्होंने बताया कि यहां पर कोई भी सक्षम अधिकारी नहीं है कोई कलेक्टर तो कोई अपर कलेक्टर तो कोई उच्च अधिकारियों से बात करने की बात कह रहे हैं, वहीं ऑपरेटर नमिता बघेल ने बताया कि हम अपने चार सूत्री मांगों को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे थे अचानक क्या हुआ कि पुलिस से हमारे साथियों को गिरफ्तार कर लिया है हम चाहते हैं की शान हमारी मांगों को पूरा करने की और ध्यान दें ना कि हमारे ऊपर किसी तरह का कोई दबाव डालने का प्रयास करें यदि सरकार दबाव डालेगी तो मामला और भी उलझता जाएगा।