आज गणेश चतुर्थी है और घर- घर गणपति की प्रतिमाएं विराजमान की गई हैं। कहते हैं भगवान गणेश दु:खी लोगों के दुखहरते हैं, नि:संतानों की गोद भरते हैं। छत्तीसगढ़ के बालोद में भगवान गणेश का एक ऐसा मंदिर हैं, जहां मान्यता है कि यहां आने से नि:संतान लोगों को संतान की प्राप्ती हो जाती है। बालोद के मरार पर स्थित स्वयंभू गणेश मंदिर की मान्यताएं पूरे क्षेत्र में प्रचलित हैं। इस मंदिर का इतिहास 100 वर्षों से भी पुराना है।