बालोद जिला एवं सत्र न्यायालय को आज सुबह लगभग 10 बजे एक ईमेल से कोर्ट परिसर एवं मुख्य न्यायाधीश के चेंबर को उड़ाने की धमकी मिली। इसके बाद प्रधान न्यायाधीश में इसकी सूचना प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन सहित बार काउंसिल को दी। सूचना मिलते ही न्यायालय परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
सभी वकील भाग कर वहां से निकले। वहीं न्यायाधीशों को प्रशासन द्वारा सुरक्षित रूप से विश्राम गृह ले जाकर बैठाया गया और इलाके को समय रहते सील कर दिया गया। सारी आवश्यक सेवाएं मौके पर बुलाई गई। जिसमें अग्नि संबंध से लेकर एंबुलेंस इत्यादि शामिल हैं। वहीं न्यायालय परिसर के सामने पढ़ने वाले 13 को चारों तरफ से बैरिकेडिंग कर बंद कर दिया गया।
दरअसल, जिला एवं सत्र न्यायालय के आधिकारिक वेबसाइट पर sourav_biswas@hotmail.com एड्रेस से एक संदिग्ध ईमेल प्राप्त हुआ। इसके बाद प्रधान न्यायाधीश नहीं थे। संज्ञान में लेते हुए प्रशासन को सूचना दी। वहीं पुलिस भी इस संदिग्ध ईमेल को ट्रेस करने में जुड़ गई। पुलिस विभाग के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सहित आल्हा अधिकारी मौके पर पहुंचे। इस दरमियान फोरेंसिक एक्सपर्ट से लेकर बम निरोधक दस्त बुलाया गया। उन्हें सुरक्षित अंदर भेजा गया है। दोपहर 1 बजे तक बामनिरोधक दस्त जिले एवं क्षेत्र न्यायालय परिसर में बम को ढूंढती रही।
लगभग चार घंटे तक जिला एवं सत्र न्यायालय के आसपास के एरिया को सील कर दिया गया था। तहसील कार्यालय को भी बंद किया गया था रूट को डायवर्सन किया गया था। जिसके बाद बामनिरोधक दस्त डॉग स्क्वायड फॉरेंसिक की टीम अंदर गई हुई थी। लगभग 2:15 में टीम पूरी जांच पड़ताल करके बाहर निकली।
इसके बाद जिला एवं सत्र न्यायालय के सभी मार्गों को खोल दिया गया। सुरक्षा जांच कर बाहर निकली बालोद जिले की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका ठाकुर ने बताया कि मेल से सूचना मिली थी। मेल की जांच की जा रही है। पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था के बीच पूरे बिल्डिंग की जांच की गई है। कभी भी बम फटने की जानकारी यहां पर मेल के माध्यम से दी गई थी। लेकिन अब सब दुरुस्त हो चुका है। न्यायालय परिसर और पूरी बिल्डिंग खतरे से बाहर है। उन्होंने कहा कि जिस एड्रेस से मेल आया था उसकी जांच की जा रही है और आगे कार्रवाई की जाएगी।