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बालोद के बेटे ने लहराया परचम: खोमन साहू ने एम्स NORCET में 613वीं रैंक हासिल की, संघर्ष बनी सफलता कहानी

अमर उजाला नेटवर्क, बालोद Updated Tue, 26 May 2026 03:38 PM IST

बालोद जिले के एक छोटे से गांव लाटाबोड़ से निकलकर एक युवा ने कुछ ऐसा ही कमाल कर दिखाया है। विपरीत परिस्थितियों और अभावों के बीच संघर्ष करते हुए बालोद के बेटे खोमन साहू ने देश की सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल परीक्षाओं में से एक एम्स नॉरसेट में पूरे देश में 613वीं रैंक हासिल की है और प्रदेश के पहले एक मात्र युवक बने जिसने ये परीक्षा क्रैक किया हो।

दरअसल, छत्तीसगढ़ से इस परीक्षा को पास करने वाली जहां 10 युवतियां हैं, वहीं पुरुषों में बाजी मारने वाले खोमन सूबे के इकलौते युवक हैं। अब खोमन देश के प्रतिष्ठित संस्थान में 'नर्सिंग ऑफिसर' के अधिकारी पद पर सेवाएं देंगे। खोमन के सिर से बचपन में ही पिता का साया उठ चुका था। घर के इकलौते कमाऊ सदस्य होने के नाते, उन्होंने मां का हाथ बंटाते हुए खेती-किसानी का काम भी संभाला और अपने सपनों को भी जिंदा रखा। रोज खेतों में पसीना बहाने के बाद, खोमन अपनी स्टडी टेबल पर 8-8 घंटे तक किताबों से जूझते थे। उन्होंने अपने कमरे की दीवार पर अपने सपनों को लिखकर चिपका दिया था, ताकि जब भी थकान हो, दीवार पर लिखे वो सपने उन्हें फिर से खड़े होने की ताकत दे सकें।

बीते अप्रैल महीने में हुई प्री और मेंस की परीक्षा के बाद जब मई में यह परिणाम आया, तो खोमन के घर और पूरे बालोद जिले में खुशी की लहर दौड़ गई। एमबीबीएस स्तर के कठिन सवालों वाली इस परीक्षा को क्रैक कर खोमन ने साबित कर दिया कि अगर हौसले बुलंद हों, तो मिट्टी से उठकर भी आसमान छुआ जा सकता है।    

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