बाढ़ के अनुमंडल के अथमलगोला प्रखंड अंतर्गत रामनगर दियारा स्थित तीन सरकारी स्कूलों के बच्चे फाइलेरिया और पेट के कीड़े मारने की दवा खाने के बाद अचानक बीमार पड़ गए। दवा सेवन के कुछ घंटों बाद बच्चों में पेट दर्द, सिरदर्द और उल्टी की शिकायत सामने आई, जिससे परिजनों में अफरातफरी मच गई। हालांकि प्राथमिक उपचार के बाद सभी बच्चों की स्थिति सामान्य बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, प्राथमिक विद्यालय गणपत राय टोला और प्राथमिक विद्यालय रामनगर दियारा अनुसूचित जाति टोला में मंगलवार दोपहर करीब दो बजे आशा कार्यकर्ताओं ने फाइलेरिया और कृमिनाशक दवा बच्चों को खिलाई। दवा खाने के कुछ समय बाद करीब तीन दर्जन बच्चों ने असहज महसूस किया। शिकायत मिलते ही परिजनों ने इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को दी।
उपचार के बाद अधिकांश बच्चों को छुट्टी दे दी गई
सूचना मिलते ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) अथमलगोला के प्रभारी डॉ. अमन कुमार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए क्विक रिस्पांस मेडिकल टीम को गांव भेजा। स्कूल से बच्चों को लाने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था की गई। करीब 35 बच्चों को सीएचसी में चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया। उपचार के बाद अधिकांश बच्चों को छुट्टी दे दी गई।
रामनगर दियारा निवासी मालो देवी ने बताया कि उनके तीन बच्चे साहिल कुमार, अनु कुमारी और प्रीति कुमारी दवा खाने के बाद घर पहुंचते ही उल्टी और पेट दर्द की शिकायत करने लगे। अस्पताल में भर्ती कराने के बाद अब उनकी तबीयत ठीक है। प्राथमिक विद्यालय रामनगर दियारा के कक्षा पांच के छात्र साहिल कुमार ने बताया कि दवा दोपहर करीब दो बजे दी गई थी। घर पहुंचने के बाद उसे उल्टी जैसा महसूस हुआ, लेकिन अस्पताल में इलाज के बाद वह अब बेहतर है।
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'हल्की उल्टी होने से अन्य बच्चे घबरा गए थे'
सीएचसी प्रभारी डॉ. अमन कुमार ने बताया कि दोपहर करीब तीन बजे सूचना मिली कि कुछ बच्चे बीमार हो गए हैं। तुरंत मेडिकल टीम भेजी गई और एंबुलेंस के जरिए बच्चों को अस्पताल लाया गया। उन्होंने कहा कि प्राथमिक उपचार के बाद सभी बच्चे स्वस्थ हैं। कुछ बच्चों को हल्की उल्टी होने से अन्य बच्चे घबरा गए थे, जिसके कारण स्थिति गंभीर प्रतीत हुई।
उन्होंने बताया कि यह फाइलेरिया उन्मूलन और कृमिनाशक दवा वितरण अभियान 10 फरवरी से प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों में चलाया जा रहा है। दवा पूरी तरह सुरक्षित है और स्वास्थ्यकर्मियों ने स्वयं दवा खाकर अभियान की शुरुआत की थी। फिलहाल सभी बच्चे सुरक्षित हैं और स्थिति नियंत्रण में है।
फाइलेरिया और कीड़े मारने की दवा खाने के बाद बच्चों को हुआ पेट दर्द, इलाज जारी- फोटो : credit
उपचार जारी।