वैशाली जिले के महनार में रेलवे फाटक बंद करने के निर्णय के खिलाफ भारी हंगामा हुआ। दो दिन से चल रहे आंदोलन के दौरान जन आक्रोश भड़क गया और सैकड़ों लोग सड़क पर उतर आए। आक्रोशित लोगों ने मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासन की टीम को खदेड़ दिया। हालात को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल के साथ अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालने में जुटे हैं।
रेलवे फाटक बंद करने का फैसला
यह मामला हाजीपुर-बछवाड़ा रेलखंड स्थित वासुदेवपुर चंदेल-लोदीपुर रेलवे ढाला से जुड़ा है। रेलवे प्रशासन ने इस फाटक को स्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया है। दो दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि यह फाटक मुख्य सड़क पर होने के कारण बंद होने से आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। इससे स्कूली बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग और आम लोग काफी परेशान हैं।
प्रशासन और वैकल्पिक व्यवस्था
प्रशासन ने बताया कि यह आदेश 2020 में आया था और इसे अब पूर्णरूप से लागू किया जा रहा है। रेलवे और जिला प्रशासन की टीम वैकल्पिक मार्ग के रूप में एप्रोच रोड तैयार कर रही है। हालांकि, ग्रामीण ओवरब्रिज या अंडरपास बनवाने की मांग कर रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि लोगों से उनकी मांगें पूछी जा रही हैं और स्थिति को शांत करने का प्रयास जारी है।
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लोगों को समझाने में जुटे ग्रामीण
स्थानीय लोगों के विरोध और आक्रोश के कारण स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी अभी भी लोगों को समझाने और वैकल्पिक व्यवस्था के बारे में जानकारी देने में लगे हुए हैं।