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Bihar News: सरकारी बोर्ड, फर्जी रौब और उगाही का खेल! वैशाली में नकली अधिकारी का बड़ा भंडाफोड़

Fri, 13 Mar 2026 11:45 AM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वैशाली

बिहार के वैशाली जिले में पुलिस ने फर्जी अधिकारी बनकर उगाही करने वाले एक शातिर युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी कार पर बिहार सरकार का बोर्ड लगाकर खुद को मद्य निषेध विभाग का अधिकारी बताता था और लोगों से वसूली करता था। पुलिस अब उससे पूछताछ कर रही है और उसे जेल भेजने की तैयारी की जा रही है।

सरकारी बोर्ड लगाकर चला रहा था उगाही का खेल

जानकारी के अनुसार आरोपी अपनी कार पर बिहार सरकार का बोर्ड लगाकर पूरे जिले में घूमता था। वह खुद को मद्य निषेध विभाग का अधिकारी बताकर खासकर शराब कारोबार से जुड़े लोगों से पैसे वसूलता था। पुलिस जांच में सामने आया है कि उसने पहले अपनी कार की चोरी की झूठी रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई थी और इंश्योरेंस कंपनी से लाखों रुपये ले लिए थे। इसके बाद उसी गाड़ी का इस्तेमाल कर वह जिले में उगाही का खेल चला रहा था।

गुप्त सूचना पर पुलिस ने की छापेमारी

मामले का खुलासा तब हुआ जब पुलिस को गुप्त सूचना मिली। इसके बाद पुलिस की एक टीम ने आरोपी के घर छापेमारी की और उसे गिरफ्तार कर लिया। जिस गाड़ी से वह घूमता था, उसे भी पुलिस ने जब्त कर लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान प्रभात कुमार के रूप में हुई है। वह वैशाली जिले के बेलसर थाना क्षेत्र के रामपुर बोरी गांव निवासी रामप्रीत राम का पुत्र है। पुलिस उसे थाने ले जाकर लगातार पूछताछ कर रही है।

जांच में सामने आए कई चौंकाने वाले तथ्य

जब पुलिस ने गाड़ी और आरोपी के दस्तावेजों की जांच की तो कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। पुलिस को पता चला कि गाड़ी भी चोरी की है। आरोपी इस गाड़ी का इस्तेमाल छोटे-मोटे शराब कारोबारियों से पैसे वसूलने के लिए करता था। जांच में यह भी सामने आया कि गाड़ी पर लगी नंबर प्लेट भी फर्जी है। यह नंबर प्लेट मुजफ्फरपुर के एक व्यक्ति की XL6 कार की निकली।

शराब माफियाओं को धमकाकर करता था वसूली

आरोपी खुद को मद्य निषेध विभाग का बड़ा अधिकारी बताता था। वह शराब माफियाओं को कार्रवाई की धमकी देकर उनसे पैसे वसूलता था। पुलिस का कहना है कि असल में न तो यह गाड़ी सरकारी है और न ही आरोपी कोई अधिकारी है। वह सरकारी विभाग का नाम लेकर अवैध वसूली कर रहा था।

एसपी के निर्देश पर हुई कार्रवाई

पूरे मामले का खुलासा विक्रम सिहाग के निर्देश पर हुआ। एसडीपीओ-वन सुबोध कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस को आरोपी के पास से कई संदिग्ध दस्तावेज भी मिले हैं। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और अब तक कितने लोगों से अवैध वसूली की गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बिहार में शराबबंदी के बीच अपराधियों का यह नया तरीका प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है। एसडीपीओ सुबोध कुमार ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर मद्य निषेध विभाग के नाम पर वसूली करने वाले इस डुप्लीकेट अधिकारी को गिरफ्तार किया गया है। उसके पास से बिहार सरकार का बोर्ड लगी एक गाड़ी भी बरामद की गई है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और इस फर्जीवाड़े से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।

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