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Bihar News: यूजीसी नियमों के खिलाफ सवर्ण समाज का मशाल जुलूस, सरकार को दी आंदोलन की चेतावनी; देखें वीडियो

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दरभंगा Updated Thu, 29 Jan 2026 08:51 AM IST

भारत सरकार द्वारा लागू किए गए यूजीसी नियमों के विरोध में दरभंगा में सवर्ण समाज के लोगों ने मशाल जुलूस निकालकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने यूजीसी नियमों को “काला कानून” बताते हुए इसे अविलंब वापस लेने की मांग की और चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह नियम उनके बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ऐसे नियम ला रही है, जिससे सवर्ण समाज के विद्यार्थियों को शिक्षा से वंचित किया जाएगा। मशाल जुलूस के दौरान केंद्र सरकार और भाजपा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। ब्राह्मण फेडरेशन के जिला अध्यक्ष रामचंद्र चौधरी उर्फ पप्पू चौधरी ने कहा कि जिस तरह भाजपा को सत्ता में पहुंचाया गया है, उसी तरह उसे सत्ता से बाहर करने की ताकत भी समाज रखता है। उन्होंने कहा कि यदि यह काला कानून वापस नहीं लिया गया तो व्यापक जनआंदोलन खड़ा किया जाएगा। उन्होंने मंडल आयोग का उदाहरण देते हुए कहा कि इतिहास गवाह है कि जब समाज के साथ अन्याय हुआ है, तब सरकारों को सत्ता से बाहर होना पड़ा है।

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क्षत्रिय समाज के जिला अध्यक्ष प्रवीण कुमार सिंह उर्फ पिंकू सिंह ने कहा कि मजबूरी में उन्हें भाजपा सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण सवर्ण समाज को अपराधी की तरह देखा जा रहा है और उनके बच्चों के लिए उच्च शिक्षा के रास्ते बंद किए जा रहे हैं। उन्होंने आह्वान किया कि जब तक यह कानून वापस नहीं लिया जाएगा, तब तक भाजपा को वोट नहीं दिया जाएगा। वहीं, अवधेश कुमार चौधरी ने कहा कि सवर्ण समाज के बच्चों को आगे बढ़ने से रोकने की मानसिकता के तहत यह कानून लाया गया है। सामाजिक कार्यकर्ता प्रियंका झा ने कहा कि सरकार लोकतंत्र की भावना के विपरीत समाज पर यह कानून थोप रही है, जिसका शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जा रहा है।

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