लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने रविवार को राजगीर में आयोजित ‘बहुजन भीम संकल्प समागम’ में पहुंचे, जहां उन्होंने बिहार विधान सभा चुनाव में लड़ने को लेकर एक अलग तरह का बयान दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी आने वाले विधानसभा चुनाव में ‘बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट’ के विजन के साथ उतरेगी। उन्होंने आगे कहा कि “मैं बिहार से चुनाव नहीं लड़ूंगा, बल्कि बिहार के लिए लड़ूंगा। लोक जनशक्ति पार्टी सभी 243 सीटों पर जनता के बीच जाएगी। अपने भाषण में चिराग पासवान ने विपक्षी दलों खासकर राजद और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में यह भ्रम फैलाया गया कि तीसरी बार मोदी सरकार आने से लोकतंत्र खत्म हो जाएगा। जबकि सच्चाई यह है कि लोकतंत्र की हत्या 1975 में कांग्रेस और इंदिरा गांधी ने आपातकाल लगाकर की थी। तेजस्वी यादव के ‘20 महीने में 20 साल का काम’ के दावे पर चिराग ने तंज कसते हुए कहा कि अगर आपको 20 महीने का समय दे भी दिया जाए तो क्या आप उन गरीबों को उनकी जमीन लौटा देंगे, जो आपने नौकरी देने के नाम पर हड़प ली थी? चिराग पासवान ने अपने पिता स्व. रामविलास पासवान के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने ही पहली बार भारतीय संसद में डॉ. भीमराव अंबेडकर की तैलीय तस्वीर लगवाई थी। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि 1979 से पहले संसद में बाबा साहेब की एक भी तस्वीर नहीं थी, जबकि एक ही परिवार की तीन-तीन तस्वीरें लगी थीं। चिराग पासवान ने कहा कि उनकी पार्टी आने वाले विधानसभा चुनाव में ‘बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट’ के विजन के साथ उतरेगी। उन्होंने कहा, “मैं बिहार से चुनाव नहीं लड़ूंगा बल्कि बिहार के लिए लड़ूंगा। लोक जनशक्ति पार्टी सभी 243 सीटों पर जनता के बीच जाएगी।"