उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री अमृता रावत कामकाजी महिलाओं के लिए नाइट शिफ्ट को उचित नहीं मानतीं। विवेकानंद जयंती के मौके पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने एक सवाल पर कहा कि महिलाओं से नाइट शिफ्ट कराए जाने की जरूरत ही क्या है। जो भी काम हो वह दिन में भी कराया जा सकता है। यह महिलाओं के लिए भी उपयुक्त होगा। घर-परिवार को संभालने के लिए उनके पास पर्याप्त समय होगा।
इस बीच मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने शनिवार को स्पष्ट किया है कि सरकार राज्य में महिलाओं की सुरक्षा के प्रति जवाबदेह है। ऐसा कोई आदेश न तो जारी हुआ है और न जारी करने की मंशा है, जिसके तहत शाम छह बजे केबाद महिलाओं के काम करने पर पाबंदी हो।
हालांकि एक्ट के अनुसार शाम सात बजे के बाद महिला कर्मी से काम नहीं लिया जा सकता। राज्य सरकार ने इतनी छूट जरूर दी है कि यदि इसके बाद भी कोई प्रतिष्ठान महिलाओं से काम कराना चाहता है तो उसकी जिम्मेदारी होगी कि वह महिला कर्मी के घर तक छोड़ने के लिए वाहन की व्यवस्था करे।