पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने अब पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के खिलाफ एक और मोर्चा खोल दिया है। बहुगुणा ने अपने अधिवक्ता के जरिये रावत को मानहानि का नोटिस भेजा है। नोटिस में रावत के विभिन्न बयानों को आधार बनाते हुए बहुगुणा ने तीन दिन के अंदर सार्वजनिक रूप से माफी न मांगने पर कानूनी कार्यवाही की चेतावनी दी है।
बहुगुणा के अधिवक्ता राजेश्वर सिंह की ओर से हरीश रावत को भेजे गए नोटिस में कहा गया कि 18 मार्च को सदन में अल्पमत में होने के बावजूद सदन की कार्यवाही जारी रखी गई। वित्त विनियोग विधेयक पारित नहीं हुआ था, लेकिन उसे पारित बताया गया। साथ ही कहा गया कि विधानसभा अध्यक्ष का सहारा लेकर उनके मुवक्किल की सदस्यता समाप्त की गई।
बाद में हरीश रावत का स्टिंग ऑपरेशन सामने आया। नोटिस में कहा गया कि इन बातों से ध्यान हटाने के लिए रावत लगातार बहुगुणा पर आरोप लगा रहे हैं।
छवि को लगातार पहुंचाया जा रहा नुकसान: बहुगुणा
27 मार्च, दो अप्रैल, तीन अप्रैल और चार अप्रैल की हरीश रावत की प्रेस कांफ्रेंस का हवाला देते हुए कहा गया कि रावत इस बात का आरोप लगा रहे हैं कि भाजपा ने विजय बहुगुणा के खाते में 25 करोड़ रुपये जमा कराए हैं।
रावत यह भी कह रहे हैं कि इस तरह की चर्चाएं हैं। इसके बावजूद, बहुगुणा की छवि को लगातार नुकसान पहुंचाया जा रहा है। नोटिस में रावत को तीन दिन के अंदर प्रेस कांफ्रेंस कर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने के लिए कहा गया है।
दूसरी ओर मानहानि के नोटिस ने अब एक और कानूनी लड़ाई का मोर्चा कांग्रेस और बागी विधायकों के बीच खोल दिया है। सदस्यता समाप्त किए जाने को लेकर पहले से ही दोनों पक्ष कोर्ट कचहरी के चक्कर में उलझे हुए हैं।