धौंतरी क्षेत्र में चिटफंड कंपनी के हाथों ठगी का शिकार हुए ग्रामीणों और कंपनी से जुड़े कुछ कर्मचारियों ने जिला मुख्यालय स्थित कंपनी के दफ्तर के समक्ष प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने कंपनी पर खातों में जमा करीब तीस लाख नहीं लौटाने का आरोप लगाया है। मामला राजस्व क्षेत्र का होने के कारण कोतवाली पुलिस ने मामले में प्राथमिक रिपोर्ट दर्ज कर जांच राजस्व पुलिस के सुपुर्द कर दी है।
धौंतरी निवासी दिनेश सिंह, भागवत सिंह, मुकेश सिंह, रामचंद्र, जुगल, मालचंद, फतेह सिंह, पूरण सिंह, विक्रम सिंह आदि ने सोमवार को जिला मुख्यालय पहुंचकर जनबंधन प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के दफ्तर के समक्ष प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि करीब एक साल पहले इस कंपनी ने धौंतरी में बाकायदा ऑफिस खोलकर वहां ग्रामीणों के खाते खुलवाए। एक साल तक ग्रामीण खातों में पैसा जमा करते रहे। अब कंपनी ने धौंतरी में अपना दफ्तर बंद कर दिया और ग्रामीणों के खातों में जमा धनराशि भी वापस नहीं कर रही है। कंपनी के अभिकर्ता के तौर पर धौंतरी क्षेत्र में कार्य कर रहे दिनेश सिंह ने बताया कि कंपनी को ग्रामीणों का करीब तीस लाख लौटाना है। बार-बार मांग करने पर कंपनी संचालकों ने उसे बीस लाख और दस लाख के दो चेक दिए, लेकिन वे बाउंस हो गए।
उन्होंने बताया कि कंपनी के संचालक प्रियंका तिवारी और सुरेश कुमार ने जनप्रबंधन प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड को बंद कर अब जनश्री गढ़वाल निधि नाम से नई कंपनी शुरू की है और इसके माध्यम से पैसा एकत्र कर रहे हैं। ग्रामीणों के हंगामे को देखते हुए मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को वार्ता के लिए कोतवाली बुलाया। थानाध्यक्ष महादेव उनियाल ने बताया कि मामला राजस्व क्षेत्र का होने के कारण एफआईआर दर्ज कर जांच राजस्व पुलिस के सुपुर्द कर दी है। राजस्व पुलिस से मामला रेगुलर पुलिस को सौंपे जाने पर इसमें जांच कर कार्रवाई की जाएगी।