नाबालिग छात्राओं से छेड़छाड़ के आरोपी दो शिक्षकों को जिला जज कौशल किशोर शुक्ला की अदालत ने पांच-पांच वर्ष का सश्रम कारावास और 25-25 हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा नहीं करने दो माह के अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा भुगतनी होगी। दोनों आरोपी शिक्षक जमानत पर रिहा थे। अब उन्हें नई टिहरी जेल भेज दिया गया है। आरोपी शिक्षकों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत कोतवाली उत्तरकाशी में मुकदमा दर्ज किया गया था।
एक स्कूल के दो शिक्षकों पर इंटरमीडिएट की छात्राओं ने छेड़छाड़ का आरोप लगाया था। इस संबंध में 6 दिसंबर 2018 को जनपद मुख्यालय उत्तरकाशी थाने में अभिभावकों ने दोनों शिक्षकों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता पूनम सिंह ने बताया कि छात्राओं ने अभिभावकों को बताया था कि छेड़छाड़ का विरोध करने पर दोनों शिक्षक प्रयोगात्मक परीक्षा में फेल करने की घमकी देते थे। मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने दोनों शिक्षकों को निलंबित कर एडी कार्यालय पौड़ी से संबंद्ध कर दिया था। पुलिस ने मामले में 7 फरवरी 2019 को न्यायालय में आरोपपत्र दायर किया था। शासकीय अधिवक्ता पूनम सिंह ने बताया कि सोमवार को अभियोजन व बचाव पक्ष की बहस सुनने के बाद जिला जल कौशल किशोर शुक्ला की अदालत ने अभियुक्तों को दोषी पाते हुए सजा सुनाई।