यमुनाघाटी की गीठ पट्टी के कुठार गांव में सड़क नहीं होने से क्षेत्रवासियों में रोष है। इस संबंध में ग्रामीणों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर शासन-प्रशासन व जनप्रतिनिधियों पर उपेक्षा का आरोप लगाया है।
एसडीएम को सौंपे ज्ञापन में ग्रामीणों ने कहा कि यमुनोत्री क्षेत्र से लगे कुठार गांव आजतक सड़क से नहीं जुड़ पाया है। क्षेत्र पंचायत सदस्य रोहित पंवार ने बताया कि गांव में मंत्री, विधायक आते हैं, लेकिन अभी तक सड़क नहीं पहुंच पाई है। क्षेत्र पंचायत सदस्य रोहित पंवार ने बताया कि गांवों के लिए 2009 में सड़क यमुनोत्री हाईवे के ओजरी डाबरकोट से स्वीकृत हुई थी। लेटलतीफी व आपदा के कारण ओजरी डबरकोट के भूस्खलन जोन के कारण स्वीकृत सड़क अधर में लटकी हुई है। बताया कि उसके बाद स्यानाचट्टी पुल के पास दोबारा एलाइनमेंट किया गया, जिसकी वन भूमि के सड़क की पत्रावली कार्यालयों के फेर में फंसी हुई है। इधर, यमुनोत्री विधायक केदार सिंह रावत का कहना है कि सड़क स्वीकृत है, लेकिन वन भूमि की पत्रावली नोडल एजेंसी में आपत्ति के चलते लटकी हुई है। वहीं कांग्रेस नेता संजय डोभाल का कहना है कि यह सरकार हर गांव तक सड़क पहुंचाने का दावा करती है, लेकिन यह मामला सरकार के दावों की पोल खोलने के लिए काफी है। इस मौके पर प्रधान विपिन पंवार, मनोज, जसपाल परमार, प्रवीण, महावीर पंवार आदि मौजूद रहे।