जनपद की यमुनाघाटी में स्त्री रोग विशेषज्ञ नहीं है, जबकि स्थानीय निवासी वर्षों से स्त्री रोग विशेषज्ञ की तैनाती किए जाने की मांग कर रहे हैं। लेकिन पद स्वीकृत होने के बाद भी तैनाती न होने से गर्भवती महिलाओं को खासी दिक्कत होती है। कई बार तो डॉक्टर नहीं होने की वजह से उनकी जान भी चली जाती है।
यमुनाघाटी के पुरोला, नौगांव, बड़कोट में एक-एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। इसके अलावा मोरी में एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है, लेकिन किसी भी अस्पताल में भी स्त्री रोग विशेषज्ञ नहीं है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पुरोला में चिकित्सकों के 11 पद हैं, जिसमें महिला रोग विशेषज्ञ का पद भी शामिल हैं। लेकिन महिला रोग विशेषज्ञ तैनाती के दिन से ही अवकाश पर चल रही हैं। जबकि यहां प्रतिदिन की ओपीडी 120 के करीब रहती है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नौगांव में 30 बेड का अस्पताल है। यहां हर दिन 80 ओपीडी के साथ प्रतिमाह 60 से 70 प्रसव होते हैं, लेकिन यहां भी स्त्री रोग विशेषज्ञ नहीं है। वहीं सीएचसी बड़कोट में चिकित्सकों के कुल 12 पदों में से स्त्री रोग विशेषज्ञ, फिजिशियन और सर्जन जैसे महत्वपूर्ण पद रिक्त हैं।
- जनपद में दो महिला रोग विशेषज्ञ हैं, जिनमें से एक जिला अस्पताल में तैनात हैं। सीएचसी पुरोला में तैनात महिला रोग विशेषज्ञ मैटरनिटी लीव पर चल रही हैं। -डा. केएस चौहान, सीएमओ उत्तरकाशी।