मरीजों और अस्पताल कर्मचारियों को हो रही है सबसे ज्यादा दिक्कत
उत्तरकाशी। जनपद के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डुंडा सहित ब्रह्मखाल और धौंतरी में सफाई कर्मचारियों की तैनाती नहीं होने के कारण मरीजों और अस्पताल कर्मचारियों का सामना करना पड़ रहा है। डुंडा में मरीजों से जमा होने वाली धनराशि से एक कर्मचारी लगाया गया है लेकिन वह मात्र सुबह ही अपना कार्य कर लौट जाता है। दूसरी ओर अन्य दो अस्पतालों में सफाई वैकल्पिक व्यवस्था पर चल रही है। कई बार इन अस्पतालों में पूरे दिन सफाई नहीं हो पाती है।
अस्पतालों में सफाई का विशेष महत्व है लेकिन जनपद के अस्पतालों में इस व्यवस्था पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। मुख्यालय से करीब 15 किमी की दूरी पर स्थित पीएचसी डुंडा में आजतक सफाई कर्मचारी की तैनाती नहीं हो पाई है जबकि यह अस्पताल चारधाम यात्रा के दृष्टिकोण से डुंडा, धनारी, बरसाली आदि क्षेत्र के ग्रामीणों का मुख्य अस्पताल है।
दूसरी ओर पीएचसी ब्रह्मखाल सहित धौंतरी में स्थिति ओर भी दयनीय है। वहां पर भी वैकल्पिक व्यवस्था की गई है लेकिन अन्य जगहों से लिए गए सफाईकर्मी अपने समयानुसार ही कभी-कभी सफाई करने पहुंचते हैं। स्थानीय निवासी विरेंद्र सिंह का कहना है कि जब सफाई ही नहीं होगी तो ऐसी स्थिति में मरीज कैसे स्वस्थ हो पाएगा। डुंडा पीएचसी चिकित्साधिकारी डॉ. अभिषेक शर्मा का कहना है कि डुंडा में एक कर्मचारी है लेकिन वह सुबह ही अपना कार्य कर लेते हैं। सीएमओ डॉ. बीएस रावत का कहना है कि समिति की ओर से सफाई कर्मचारियों की वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। वर्तमान में 36 सफाईकर्मियों और 38 वार्डबॉय की नियुक्ति के लिए प्रक्रिया गतिमान है।