चारधाम सड़क योजना के तहत भारत-चीन सीमा पर सड़कों की चौड़ाई बढ़ाए जाने संबंधी सुप्रीम कोर्ट का निर्णय उत्तरकाशी जनपद की तस्वीर बदलेगा। इस निर्णय से जनपद में पर्यटन व तीर्थाटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ ही स्थानीय उत्पादों को भी फायदा होगा।
उत्तरकाशी जनपद की सड़के सामरिक व धार्मिक महत्व से काफी महत्वपूर्ण है। यहां गंगोत्री व यमुनोत्री धाम होने के साथ ही काफी बड़ा हिस्सा चीन सीमा से लगा हुआ है। सीमा की अग्रिम चौकियां भी सड़कों से जोड़ी जा चुकी हैं, लेकिन इको सेंसिटिव जोन घोषित होने से बड़ेथी चुंगी से गंगोत्री तक गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग चौड़ा नहीं हो पाया था। मोटर मार्ग संकरा होने के कारण अक्सर जाम की स्थिति बनती है। उत्तरकाशी जनपद में शीतकालीन पर्यटन व ग्रीष्मकालीन पर्यटन की भी अपार संभावनाएं हैं। युवा व्यवसायी प्रदीप सुमन का कहना है कि बेहतर सड़कें किसी भी शहर के लिए वरदान होती हैं। सड़कों के बेहतर होने से निश्चित रूप से यहां के स्थानीय लोगों के साथ ही व्यवसायियों के लिए फायदा होगा। सेब काश्तकार का कहना है कि सड़कें बेहतर होंगी तो हमारे यहां के सेब आसानी से मंडी तक पहुंचेंगे। अन्य उत्पादों के लिए भी यह निर्णय बेहतर साबित होगा।