जिला जज कौशल किशोर शुक्ला की अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अपराध में उसकी मदद करने वाली महिला को भी तीन साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। दोनों अभियुक्तों पर अर्थदंड भी लगाया गया है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता पूनम सिंह ने बताया कि पुुरोला थाने में 09 जनवरी 2019 को नाबालिग लड़की की गुमशुदगी दर्ज की गई थी। पुलिस ने उसे मेरठ के नारी निकेतन से बरामद कर लिया था। पुलिस की पूछताछ में नाबालिग ने बताया था कि पड़ोस में रहने वाली महिला राजकुमारी ने उसे एक मोबाइल देकर श्रवण नाम के युवक से बात करने को कहा था। इसके बाद नाबालिग और श्रवण के बीच बातचीत होने लगी। सहायक शासकीय अधिवक्ता पूनम ने बताया कि राजकुमारी ने 25 दिसंबर 2018 को नाबालिग लड़की को घर से भागकर देहरादून जाने को कहा। राजकुमारी ने उसे बताया कि देहरादून में श्रवण मिलेगा। राजकुमारी ने लड़की को एक हजार रुपये देकर गाड़ी में बैठा दिया था। वह देहरादून पहुंची तो श्रवण उसे वहां से कैराना, यूपी ले गया। उसने एक होटल में नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया। बाद में नाबालिग को छोड़ कर फरार हो गया। पुलिस पीड़िता को मेरठ के नारी निकेतन ले गई। यहीं से पुरोला पुलिस ने उसे बरामद किया।
सोमवार को बचाव पक्ष व अभियोजन पक्ष की बहस सुनने के बाद जिला जज कौशल किशोर शुक्ला की अदालत ने दोनों अभियुक्तों को दोषी पाते हुए सजा सुनाई। श्रवण कुमार निवासी कैराना (यूपी) को 10 वर्ष का सश्रम कारावास व 30 हजार के अर्थदंड की सुजा सुनाई है। राजकुमारी को तीन वर्ष के सश्रम कारावास व 20 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। अर्थदंड न भुगतने पर दोनों को दो-दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।