उत्तरकाशी में पौराणिक सिद्धेश्वर दिलंक मेले में मौजूद श्रद्धालु।
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पुजार गांव धनारी में रविवार को पारंपरिक सिद्धेश्वर दिलंक मेला धूमधाम से मनाया गया। मौके पर तीन गांवों के बीच हुआ रस्साकशी का मुकाबला बराबरी पर रहा। इस दौरान ग्रामीणों ने देव-डोलियों के साथ नृत्य कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।
मेले में रविवार को ग्रामीण जंगल से चीड़ के दो बड़े पेड़ों को गांव लाए। यहां रस्सों के सहारे पेड़ों को खड़ा किया गया। तीन ओर से रस्सियां बांधकर पुजारगांव, दड़माली एवं गवाणा के ग्रामीणों के बीच रस्साकशी मुकाबला हुआ। मुकाबला तीनों गांव के बीच बराबरी पर छूटा। इसके बाद पेड़ को मंदिर प्रांगण के बीच खड़ाकर जलाया गया। इस दौरान पांडव नृत्य आकर्षण का केंद्र रहा। मेला प्रांगण में ग्रामीणों ने देव डोलियों के साथ रांसो तांदी नृत्य किया। इस मौके पूर्व ब्लॉक प्रमुख व जिला पंचायत सदस्य चंदन पंवार, हंसराज चौहान, जयवीर रावत, पूर्व जिला पंचायत सदस्य पवन नौटियाल, सत्यदेव पंवार, किशोर भूषण सेमवाल, विशालमणी उनियाल, कमल नयन, गीताराम सेमवाल, कलीराम गुंसाई आदि मौजूद थे। ब्यूरो