राजस्व उपनिरीक्षकों ने पुलिस कार्य से संबंधित अभिलेख तहसील कार्यालयों में जमा करा दिए हैं। राजस्व उपनिरीक्षक समान कार्य के लिए समान वेतन की मांग कर रहे हैं। मांग पूरी न होने पर राजस्व उपनिरीक्षकों ने पुलिस कार्य का परित्याग कर दिया है।
राजस्व उपनिरीक्षक लंबे समय से पुलिस उपनिरीक्षकों के बराबर वेतनमान की मांग कर रहे हैं। राजस्व उपनिरीक्षकों का कहना है कि वह बिना संसाधनों के राजस्व क्षेत्रों में पुलिस का कार्य कर रहे हैं, जबकि पुलिस को इन्हीं कार्यों के लिए असलहा, पर्याप्त स्टाफ व वाहन आदि की सुविधा मिलती है। राजस्व उपनिरीक्षक संघ के जिलाध्यक्ष हरीश चंद्र अमवाल ने कहा कि राजस्व उपनिरीक्षकों को सिविल पुलिस के उपनिरीक्षकों के सापेक्ष बहुुत कम वेतनमान दिया जा रहा है। जनपद में राजस्व उपनिरीक्षकों के 96 पद हैं, जिनके सापेक्ष मात्र 45 पदों पर ही तैनाती हैं। एक उपनिरीक्षक के पास कई क्षेत्रों का अतिरिक्त कार्यभार भी है। पुलिस कार्य से संबंधित सभी अभिलेख तहसील कार्यों में जमा करा दिए गए हैं। जब तक राजस्व उपनिरीक्षकों की मांग पूरी नहीं हो जाती पुलिस कार्य का परित्याग जारी रहेगा।