सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेता अब राशन वितरण में किसी भी तरह की हेराफेरी नहीं कर पाएंगे। बायोमीट्रिक के तहत राशन विक्रेताओं को लैपटॉप व पोस मशीन के माध्यम से राशन का वितरण शुरू कर दिया है।
देश-प्रदेश में डिजिटल इंडिया और फर्जीवाड़े पर अंकुश लगाने के लिए सरकार लंबे समय से राशन वितरण प्रणाली को ऑनलाइन करने में लगी हुई है, जिसके तहत अब धीरे-धीरे यह व्यवस्था धरातल पर उतरती नजर आ रही है और अधिकांश सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेताओं ने लैपटॉप, पोस मशीन के द्वारा राशन वितरण शुरू कर दिया है। इन उपकरणों के माध्यम से राशन कार्ड धारक व उसमें शामिल सदस्य ही बायोमीट्रिक पर अंगूठे का प्रिंट देकर राशन ले जा सकते हैं। साथ ही पोस मशीन से राशन वितरण की पूरी डिटेल भी निकल आती है। जिससे राशन वितरण में अब किसी भी तरह की हेराफेरी की गुंजाइस नहीं रह गई है।
नेटवर्क न होने से आ रही दिक्कतें
राशन विक्रेता बायोमीट्रिक से राशन वितरण तो शुरू कर रहे हैं, लेकिन नेटवर्क की बेहतर सुविधा न होने से व्यवस्था को चालू करने में दिक्कतें आ रही हैं। पूर्ति निरीक्षक पीडी सौंदाण का कहना है कि कुछ दुकानदारों ने नेटवर्क में दिक्कतों की शिकायत की है, जिससे वहां मैनुवल ढंग से ही राशन वितरित किया जा रहा है। नेटवर्क ठीक होने पर बायोमीट्रिक व्यवस्था चाकचौबंद की जाएगी।