पालिका प्रशासन की ओर से स्थापित सार्वजनिक पुस्तकालय करीब एक साल से बंद है। इससे युवा पुस्तकालय में मौजूद पुस्तकों का फायदा नहीं उठा पा रहे हैं। वहीं पालिका के अधिकारियों ने पुस्तकालय के संबंध में जानकारी होने से इनकार किया है।
वर्ष 2016 में पालिका प्रशासन ने तत्कालीन यमुनोत्री विधायक प्रीतम सिंह पंवार की विधायक निधि से सार्वजनिक पुस्तकालय की स्थापना की थी। करीब 7 लाख की लागत से पालिका की दो दुकानों में पुस्तकालय का संचालन शुरू किया गया था। पुस्तकालय में प्रतियोगी परीक्षाओं के साथ-साथ रंवाई जौनपुर व उत्तराखंड की संस्कृति, इतिहास से संबंधित किताबें रखी गई थीं। पुस्तकालय के संचालन के लिए तत्कालीन पालिका अध्यक्ष अतोल रावत ने यहां एक कर्मचारी को भी तैनात किया था लेकिन पिछले एक वर्ष से यह पुस्तकालय बंद पड़ा हुआ है। इससे पुस्तकालय में रखीं किताबें धूल फांक रही हैं। इससे क्षेत्र के युवाओं में आक्रोश पनप रहा है। युवा और सामाजिक सरोकारों से जुड़े शांति टम्टा ने कहा कि नगर क्षेत्र में सार्वजनिक हित के लिए खोला गया पुस्तकालय बंद करना जरूरतमंद युवाओं के साथ सरासर गलत है। वहीं पालिका के अधिशासी अधिकारी एमएम गौड़ ने पुस्तकालय के संबंध में कोई भी जानकारी होने से इनकार किया है। गौड़ ने कहा कि वह अभी पालिका मुख्यालय से बाहर हैं। मुख्यालय लौटने पर इस संबंध में जानकारी जुटाई जाएगी।