जिला मुख्यालय से लगे मातली गांव में ग्रामीणों ने सोमवार को आईटीबीपी 12वीं वाहिनी के मुख्य गेट पर धरना दिया। ग्रामीण लंबे समय से अपने पौराणिक कलिपमुनि मंदिर व इंटर कॉलेज जाने के लिए रास्ता देने की मांग कर रहे हैं। लेकिन ग्रामीणों की मांग पर कोई सकारात्मक कार्यवाही नहीं की जा रही। जिससे गुस्साए ग्रामीण पांच घंटे तक धरने पर बैठे रहे। इस दौरान कई नेताओं ने भी आंदोलित ग्रामीणों को अपना समर्थन दिया।
श्री कपिलमुनि जनकल्याण समिति व ग्राम पंचायत मातली के नेतृत्व में सोमवार को ग्रामीणों ने धरना प्रदर्शन किया। जो गांव के पंचायत चौक, आईटीबीपी के तीनों गेटों से होता हुआ दोबाटा स्थित मुख्य गेट में धरने में तब्दील हो गया। श्री कपिलमुनि जनकल्याण समिति के रामलाल नौटियाल ने कहा कि आईटीबीपी 12वीं वाहिनी का मुख्यालय ग्रामीणों की अधिग्रहित की गई भूमि पर है। जिससे गांव के ईष्टदेवता का प्राचीन मंदिर लगा हुआ है। इस मंदिर में पूजा अर्चना के लिए सुबह-शाम ग्रामीणों का आना-जाना लगा रहता है। लेकिन पुलिस बल के चारदीवारी बनाने के बाद से विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। पुलिस बल के जवान मंदिर आने-जाने वाले लोगों को रोक-टोक करते हैं। शाम को छह बजे बाद आवाजाही करने से रोका जाता है। इसके चलते इंटर कॉलेज आने-जाने वाले छात्र-छात्राओं और अभिभावकों को भी परेशानी उठानी पड़ती है। सोमवार को धरने पर बैठे ग्रामीणों ने पौराणिक मंदिर व इंटर कॉलेज आने-जाने के लिए अलग से मार्ग देने और गांव के युवा व छात्र-छात्राओं को खेल अभ्यास के लिए मैदान का प्रयोग करने की मांग उठाई। उक्त मांगों को आईटीबीपी के अफसरों से भी ग्रामीणों की बहस हुई। बाद में पुलिस बल के असिस्टेंट कमांडेंट निहाल सिंह को ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान भाजपा नेता सूरतराम नौटियाल, लोकेंद्र बिष्ट, शांति रावत व पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण भी मौके पर आंदोलित ग्रामीणों को समर्थन देने पहुंचे। धरना प्रदर्शन में ग्राम प्रधान मातली बबीता जोशी, तेजपाल रजवार, रामप्यारी, जिला पंचायत सदस्य मनीष राणा, रमेश रमोला, चिंतामणि नौटियाल, जयप्रकाश गैरोला आदि शामिल रहे।