चिन्यालीसौड़ में टिहरी झील पार करने के लिए बोट का इंतजार करते लोग।
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धरासू-जोगत मोटर मार्ग के चौड़ीकरण के चलते बंद होने से दिचली-गमरी पट्टी के लोगों की समस्या बढ़ती जा रही है। शादियों के लिए एक महीने पहले बस और टैक्सी को एडवांस दे चुके लोग असमंजस में हैं। हालांकि टीएचडीसी के सहयोग से वैकल्पिक आवाजाही के लिए दो बोटों की व्यवस्था की गई है, लेकिन बोटों की क्षमता से कम होने से लोग आवाजाही के लिए घंटों इंतजार करने को मजबूर हैं।
विकासखंड चिन्यालीसौड़ में धरासू-जोगत मोटर मार्ग दिचली-गमरी पट्टी सहित टिहरी जनपद के दर्जनभर से अधिक गांवों को जोड़ता है। टिहरी झील का जलस्तर घटने से इस मोटर मार्ग का हिस्सा धंसाव की चपेट में आया, जिसके चौड़ीकरण के लिए इसे 21 नवंबर तक के लिए बंद कर दिया गया है। बुधवार को वैकल्पिक आवाजाही के लिए टीएचडीसी के सहयोग से 10 और 14 सीटों की दो नावों की व्यवस्था की गई है, लेकिन बृहस्पतिवार से शुरू हो रहे शादियों के सीजन के चलते आवाजाही करने वालों की संख्या ज्यादा होने से लोगों की मुश्किल बढ़ गई है। शादियों के लिए एक महीने पहले बस और टैक्सी को एडवांस दे चुके लोगों को 70 किमी अतिरिक्त दूरी तय कर स्यांयू कंडीसौड़ से जाना पड़ेगा, जिसके लिए अतिरिक्त समय और भाड़ा चुकाना होगा। क्षेत्र के जीत सिंह भडकोटी, कमल नौटियाल, कृष्णा नौटियाल, बिनोद रावत ने नावों की व्यवस्था को नाकाफी बताते हुए जिला प्रशासन से अधिक क्षमता की बोट संचालन की मांग की है। उन्होंने व्यवस्था न होने पर जिला प्रशासन के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी।