विकासखंड डुंडा के ब्रह्मखाल कुमराड़ा गांव में एक व्यक्ति को गुलदार ने हमलाकर मार डाला। रविवार सुबह सात बजे ग्रामीणों ने जब ब्रह्मखाल मांड्यासारी मोटरमार्ग पर मृतक का शव पड़ा देखा तो उन्होंने इसकी सूचना ब्रह्मखाल चौकी पुलिस को दी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि वह लंबे समय से हमलावर गुलदार को आदमखोर घोषित करने की मांग कर रहे थे। लेकिन वन विभाग ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया।
रविवार को ब्रह्मखाल मांड्यासारी मोटरमार्ग पर मिले शव की पहचान पैंथर गांव निवासी मगन लाल (35) के रूप में हुई है। मगन लाल ब्रह्मखाल में दिहाड़ी मजदूरी कर अपने परिवार का लालन-पालन करता था। वो शनिवार रात को ब्रह्मखाल से एक किमी दूर पैदल ही बदली की ओर जा रहे थे। रास्ते में गुलदार ने हमलाकर कर दिया। हमले में उनकी मौत हो गई। भारत मजदूर संगठन के अध्यक्ष बृजपाल सिंह ने बताया कि क्षेत्र में पिछले सात-आठ माह से आदमखोर गुलदार सक्रिय है जो करीब सात से आठ लोगों पर जानलेवा हमला कर चुका है। इनमें बाइक सवार लोग भी हैं। बताया कि परिवार के एक मात्र कमाऊ सदस्य की मौत से मगन लाल के परिवार के समक्ष आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने मृतक के परिवार के एक सदस्य को वन विभाग में रोजगार देने, गुलदार को आमदखोर घोषित कर मृतक के परिवार को उचित मुआवजा देने की भी मांग की। इस संबंध में भारत मजदूर संगठन की ओर से जिलाधिकारी को भी ज्ञापन भेजा गया है। ज्ञापन देने वालों में जिपं उपाध्यक्ष कविता परमार, पैंथर गांव की प्रधान रेशमा, खुरमोला प्रधान सविता भंडारी, पनोथ प्रधान सुचिता, अतर सिंह, धनबीर रमोला आदि शामिल रहे।
परमिशन लेकर पिंजरा लगाने का दिया आश्वासन
वन क्षेत्राधिकारी नागेंद्र सिंह रावत ने घटना की सूचना पर मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि जब भी उनके पास गुलदार के हमले की सूचना आई तो उन्होंने टीम गठित कर मौके पर भेजी। ट्रैप कैमरे भी लगाए लेकिन गुलदार पकड़ में नहीं आया। उन्होंने शव का निरीक्षण कर गुलदार के ही हमले की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि इस संबंध में डीएफओ को अवगत कराया गया है। उनसे स्वीकृति लेकर शीघ्र पिंजरा लगाया जाएगा। उन्होंने मृतक के परिवार में से एक को रोजगार के साथ उचित मुआवजा देने का भी आश्वासन दिया।