गंगा घाटी के जसवीर असवाल और यमुनाघाटी के देवेंद्र सिंह टीबी (ट्यूबरक्लोसिस) की बीमारी को मात देकर टीबी चैंपियन बन गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने दोनों को टीबी चैंपियन कार्यक्रम के लिए चुना है। इसमें जसवीर और देवेंद्र टीबी से ग्रसित मरीजों को जागरूक करने के साथ ही टीबी मुक्त देश बनाने में योगदान देंगे।
विकासखंड डुंडा की गाजणा पट्टी के न्यू गांव निवासी जसवीर असवाल (27) वर्ष जुलाई 2020 में टीबी के लक्षण सामने आए थे। वहीं विकासखंड नौगांव के भन्साड़ी गांव के प्रधान देवेंद्र सिंह (34) वर्ष 2016 में टीबी की चपेट में आए थे। जसवीर और देवेंद्र का कहना है कि टीबी एक संक्रामक बीमारी है। एसीएमओ व प्रभारी जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. विपुल बिस्वास का कहना है कि टीबी मुक्त भारत बनाने के लिए इस बीमारी के प्रति जागरूकता जरूरी है। टीबी चैंपियन का सहयोग जागरूकता को बढ़ावा देने में लिया जा रहा है। आगे भी इसे लेकर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। संवाद