मोरी ब्लाक के सांवणी गांव में लाखों के गबन के मामले में ग्राम प्रधान, ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी सहित 16 मनरेगा कर्मचारियों के खिलाफ राजस्व विभाग में मुकदमा दर्ज कराया गया है। मुख्य विकास अधिकारी के निर्देश पर खंड विकास अधिकारी मोरी द्वारा यह कार्रवाई की गई है।
मोरी ब्लाक के सांवणी, सटूणी गांव के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मनरेगा योजनाओं व सामुदायिक भवन निर्माण में अनियमितता का आरोप लगाया था। ग्रामीणों का आरोप था कि दक्षिण भारत के राज्यसभा सांसद केटीएस तुलसी ने सांवणी गांव में सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 10 लाख की धनराशि दी थी, लेकिन गांव में भवन बना ही नहीं। ग्रामीणों की शिकायत पर प्रशासन की ओर से गठित की गई जांच टीम में अनियमितताओं की पुष्टि हुई, जिस पर सीडीओ गौरव कुमार ने प्रधान व संबंधित कर्मियों पर एफआईआर दर्ज कर वसूली करने के निर्देश खंड विकास अधिकारी को दिए थे।
खंड विकास अधिकारी डा. अमित ममगाईं ने बताया कि ग्राम प्रधान, ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी, कैशियर सहित 16 मनरेगा कर्मियों के खिलाफ राजस्व उप निरीक्षक जखोल के यहां मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। इधर, मोरी के नायब तहसीलदार धनीराम डंगवाल ने मोरी सांवणी, सटूणी गांव में मनरेगा की 39 योजनाओं सहित सामुदायिक भवन निर्माण में सरकारी धन का दुरुपयोग करने के मामले में ग्राम प्रधान सहित 16 मनरेगा कर्मियों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत करने की बात कही।