उत्तरकाशी के हर्षिल गांव में आयोजित पुलिस बॉर्डर उत्सव में प्रदर्शनी का निरीक्षण करते गढ़वाल डी
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सीमांत जनपद के हर्षिल गांव में रविवार को उत्तराखंड पुलिस बॉर्डर विकास उत्सव रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ शुरू हो गया। इस अवसर पर स्कूली छात्र-छात्राओं, पुलिस जवानों एवं संवेदना समूह के कलाकारों ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। उत्सव में स्थानीय संस्कृति की झलक देेखने को मिली।
दो दिवसीय उत्तराखंड पुलिस बॉर्डर विकास उत्सव का शुभारंभ बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे डीआईजी गढ़वाल (पुलिस उप महानिरीक्षक) करण सिंह नगन्याल ने दीप जलाकर किया। डीआईजी ने कहा कि बॉर्डर उत्सव का मुख्य उद्देश्य सीमांत क्षेत्रों के खान-पान, रहन-सहन, संस्कृति, परंपराओं एवं विकास को बढ़ावा देना है। 1962 चीन-भारत युद्ध के बाद स्थानीय लोगों ने सीमांत गांव से निचले क्षेत्रों में पलायन किया। इस कारण यह गांव खाली हुए। उन्होंने गैर आबाद सीमांत गांव को आबाद करने एवं स्थानीय लोगों की क्या समस्याएं हैं उनके निराकरण के लिए शीघ्र समीक्षा बैठक कर रिपोर्ट शासन को सौंपने का आश्वासन दिया। डीआईजी ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। खेल विभाग द्वारा आयोजित बालीवॉल प्रतियोगिता फाइनल मैच का शुभारंभ किया। डीएम मयूर दीक्षित ने उत्सव के सफल आयोजन के लिए पुलिस प्रशासन को शुभकामनाएं दीं। इस मौके पर एसपी मणिकांत मिश्रा, ब्लॉक प्रमुख विनीता रावत, भाजपा नेता जगमोहन रावत, पूर्व विधायक ज्ञानचंद, गुमान सिंह नेगी, भगवान सिंह राणा, नागेंद्र सिंह, दिनेश भट्ट आदि मौजूद थे।