चिन्यालीसौड़ में धरासू-जोगत मोटरमार्ग के बंद होने के विरोध में प्रदर्शन करते स्थानीय जनप्रतिनि?
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धरासू-जोगत मोटर मार्ग बंद होने से गुस्साए स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन और टीएचडीसी के खिलाफ सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया। उन्होंने छह दिन बाद भी 40 से 50 सीटर बोट का संचालन नहीं होने पर रोष जताया। साथ ही शीघ्र बोट का संचालन न होने और कोटीगाड से भडकोट तक लिंक रोड का निर्माण नहीं होने पर जनांदोलन की चेतावनी दी।
दिचली-गमरी पट्टी के साथ टिहरी जिले के दर्जनभर गांवों को जोड़ने वाला धरासू-जोगत मोटर मार्ग को हडियाड़ी में भूस्खलन के चलते चौड़ीकरण कार्य के लिए बंद किया गया है। जिसके चलते दोनों पट्टियों के ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि जिला प्रशासन ने अधिक क्षमता की बोट का संचालन नहीं किया है। वहीं कोटीगाड से भडकोट तक लिंक रोड का निर्माण भी नहीं किया गया है। जिसके चलते लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने बगैर वैकल्पिक व्यवस्था के सड़क बंद कर चौड़ीकरण कार्य शुरू करने को गलत ठहराया। कहा कि जनता के हंगामे के बाद पुनर्वास विभाग टिहरी ने 10-20 सीटर दो बोट भेजी है, जो नाकाफी है। शुक्रवार को स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भूस्खलन स्थल पर जाकर सांकेतिक धरना प्रदर्शन कर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों में पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष शूरवीर रांगड़, पूर्व प्रमुख विजेंद्र रावत, व्यापार मंडल अध्यक्ष कृष्णा नौटियाल, प्रधान संगठन के ब्लाक अध्यक्ष कोमल राणा, पूनम रमोला, उर्वीदत गैरोला, प्रमोद ,दीपक, दिगपाल, जगवीर असवाल, प्रकाश नौटियाल आदि शामिल रहे।
दूल्हे को जान जोखिम में डाल करनी पड़ी आवाजाही
भड़कोट गाजणा गांव के दूल्हे को बारातियों के साथ भूस्खलन से प्रभावित सड़क पर जान जोखिम में डालकर पैदल आवाजाही करनी पड़ी। बाद में दूसरी तरफ गाड़ी बदलकर दूल्हा दुल्हन लेने खट्टू गांव डुंडा रवाना हुआ।