यमुनोत्री एवं गंगोत्री मंदिर कपाटोद्घाटन के बाद से यात्रा निर्बाध रूप से चल रही है। बृहस्पतिवार को करीब बारह हजार तीर्थयात्री इन धामों तक पहुंचे। सब कुछ ठीक रहा और इसी गति से यात्रा चलती रही तो इस बार यात्रा सीजन में तीर्थयात्रियों की संख्या में पिछले रिकार्ड टूटने की उम्मीद है।
बृहस्पतिवार को यमुनोत्री धाम 4738 और गंगोत्री 7174 तीर्थयात्री पहुंचे। शुरूआती ग्यारह दिनों में ही इन दोनों धामों तक करीब सवा लाख यात्री पहुंच चुके हैं। बड़ी संख्या में यात्रियों के पहुंचने से तीर्थधाम और यात्रा पड़ावों के अधिकांश होटल पैक हैं। यात्रा के शुरूआती रुझान से ही तीर्थ पुरोहित एवं यात्रा कारोबारियों के चेहरे खिले हुए हैं। अब स्कूलों में गर्मियों की छुट्टियां पड़ने पर यात्रा में और तेजी आनी तय है।
यात्रा मार्ग की सड़कें मानसून सीजन की बारिश में भी सुचारु रहीं तो इस बार अक्तूबर आखिर में कपाट बंद होने तक यात्रा के पुराने रिकार्ड टूटने की उम्मीद जताई जा रही है। बता दें कि अभी तक वर्ष 2011 में सर्वाधिक तीर्थयात्री इन धामों तक पहुंचे।
तब यमुनोत्री 4,68,502 और गंगोत्री 4,79,757 तीर्थयात्री पहुंचे थे। मैदानी इलाकों की सड़ी गर्मी से बचने के लिए यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम की यात्रा पर पहुंच रहे तीर्थयात्रियों को भले ही दिन के समय यहां भी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन सुबह एवं शाम को सुहावना मौसम उन्हें खूब भा रहा है।
बदरीनाथ पहुंचे 5330 यात्री
बदरीनाथ। बृहस्पतिवार को 5330 तीर्थयात्रियों ने बदरीनाथ धाम के दर्शन किए। नौ दिनों में 81330 तीर्थयात्री बदरीनाथ धाम पहुंच चुके हैं। धाम में मौसम सामान्य बना हुआ है।
केदारनाथ में भी बढ़ी श्रद्धालुओं की संख्या
रुद्रप्रयाग। भगवान केदारनाथ के दर्शनों को आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। बृहस्पतिवार को 7620 भक्तों ने केदारनाथ पहुंचकर भगवान भोलेनाथ के दर्शन किए। इसमें 3958 पुरुष, 3482 महिलाएं, 172 बच्चे और 8 विदेशियों में 5 पांच पुरुष व 3 महिलाएं शामिल है।