टिहरी और नैनीताल के कोषागारों में सरकारी धन के गबन के मामले के बाद उत्तरकाशी के सदर कोषागार में भी गबन का मामला सामने आया है। यहां एक महिला पूर्व पीआरडी कर्मी सहित तीन कर्मचारियों ने 42 लाख से अधिक का गबन किया। सहायक कोषाधिकारी की तहरीर पर पुलिस ने तीनों के खिलाफ थाना कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
कोतवाल राजीव रौथाण ने बताया कि गत दिवस सहायक कोषाधिकारी बृजेंद्र लाल ने तीन कर्मचारियों के खिलाफ सरकारी धन का गबन करने के संबंध में लिखित तहरीर दी, जिसके आधार पर पूर्व पीआरडी कार्मिक सदर कोषागार आरती निवासी ल्वारखा कमांद टिहरी, सहायक लेखाकार महावीर नेगी, उप कोषागार डुंडा में तैनात सहायक कोषाधिकारी धर्मेंद्र शाह के खिलाफ गबन व धोखाधड़ी से संबंधित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। कोतवाल रौथाण ने बताया कि गबन के मामले में आरती के खाते में लगभग 25 लाख, महावीर नेगी के 5.80 लाख और धर्मेंद्र शाह के खाते में 12.70 लाख जमा हुए थे, जो कि मृतक पेंशनरों के थे। बताया जा रहा है कि आरोपी उन मृतक पेंशनरों की पेंशन अपने खाते में डालते थे, जो पारिवारिक पेंशन का लाभ ले रहे थे या जिनकी पेंशन का कोई दूसरा हकदार नहीं था। ये आरोपी ऐसे मृतक पेंशनरों को जीवित दर्शाकर उनकी पेंशन अपने खातों में ट्रांसफर करते थे। बताया कि मामले का खुलासा होने पर तीनों आरोपियों ने गबन की धनराशि जमा करा दी है। मामले की विवेचना की जा रही है। कोषागार से पत्रावलियां तलब की गई है, जिसके आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
पांच साल से ले रहे थे दस मृतक पेंशनरों की पेंशन
वरिष्ठ कोषाधिकारी बालकराम बासवान ने बताया कि शासन के निर्देश पर गत वर्ष दिसंबर में हुई जांच में सरकारी धन का गबन पकड़ में आया है, जिसमें तीनों कर्मचारियों वर्ष 2017 से सितंबर 2021 तक दस मृतक पेंशनरों की पेंशन सिस्टम में गड़बड़ी कर अपने खाते में ट्रांसफर की हुई थी। बताया कि पत्रावलियों की जांच की जा रही है। तीनों के खिलाफ पुलिस में केस दर्ज कराया गया है। मामले में तीनों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।