यमुनोत्री धाम की यात्रा सुचारु होते ही जानकीचट्टी में तीर्थयात्रियों ने यमुनोत्री पालकी और घोड़ा संचालकों पर ओवर रेटिंग का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। यात्रियों का आरोप था कि जानकीचट्टी में पालकी और घोड़ों का जो रेट तय किया जा रहा है। उसे रास्ते में या यमुनोत्री धाम पहुंचते ही बढ़ा दिया जा रहा है। सूचना पर पहुंची चौकी पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ।
मंगलवार को मौसम खुलते ही यमुनोत्री धाम जाने के लिए जानकीचट्टी में यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इसका फायदा उठाते हुए पालकी और घोड़ा संचालक यमुनोत्री धाम तक के पांच किमी के पैदल ट्रेक का मनमाना रेट यात्रियों से लेने लगे। इसपर कुछ यात्रियों ने जानकीचट्टी में आपत्ति जताई। मामले की सूचना पर जानकीचट्टी चौकी प्रभारी एसआई गंभीर सिंह तोमर मौके पर पहुंचे और पालकी व घोड़े के प्रशासन की ओर से तय रेट पर ही यात्रा संचालित करने के निर्देश दिए। साथ ही यात्रियों को समझा बुझाकर मामले को शांत करवाया।
एसआई तोमर ने बताया कि यात्रियों की शिकायत पर पालकी और घोड़ा संचालकों को सख्त हिदायत देकर तय रेट पर ही ले जाने को कहा गया है। पुलिस यात्रियों को सही रेट की जानकारी दे रही है। ओवर रेट लेने वालों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। इधर, एसडीएम बड़कोट शालिनी नेगी का कहना है कि यात्रियों से पालकी और घोड़ा संचालकों के मनमाने रेट वसूलने की शिकायत मिली थी। शिकायत पर जिला पंचायत के अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है कि जो भी मनमाने रेट वसूल कर रहा है। उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। बुधवार से इसकी सख्त निगरानी की जाएगी। यमुनोत्री धाम के लिए जानकीचट्टी से घोड़े की सवारी का रेट 1300 और पालकी का 4000 निर्धारित है।