पुरोला। मोरी में तीन दिवसीय देवांशी खेल एवं सांस्कृतिक मेले का आयोजन किया जा रहा है। मेले का उद्घाटन शुक्रवार को पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज करेंगे। 17 से 19 नवंबर तक होने वाले मेले में सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ खेल प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जाएगा।
जौनसार बावर एवं रर्वाइं जौनपुर की युगों से संजोयी धरोहर, सभ्यता, विरासत एवं खान पान, वेशभूषा, आभूषण एवं आतिथ्य सत्कार को संरक्षित बनाए रखने हेतु गत तीन वर्षों से देवांशी खेल एवं सांस्कृतिक मेले का आयोजन किया जा रहा है। मेले में आयोजकों द्वारा संस्कृति व खेलों को रोजगारपरक बनाने एवं खिलाड़ियों और कलाकारों का मनोबल बढ़ाने के साथ ही उनको आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इससे पूर्व मेला नैनबाग में आयोजित किया गया था। इस वर्ष इसका आयोजन मोरी में किया जा रहा है। यमुना एवं टौंस घाटी के कालसी, चकराता (जनजातीय विकासखंड ) मोरी, नौगांव, पुरोला, जौनपुर (टिहरी) एवं विन्हार देहरादून के कलाकार, खिलाड़ी ही इसमें प्रतिभाग करेंगे। जौनसार बावर, रवांई जौनपुर के ढोल, नगाड़ों, रणसिंगे, बीमू, खांजरी आदि वाद्य यंत्रों की धुन भी यहां सुनने को मिलेगी। मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम में तांदी, पांडव नृत्य का आयोजन भी किया गया है। मेला संयोजक पूर्व मंत्री नारायण सिंह राणा ने बताया कि मेले में वालीबॉल, कबड्डी, एथलेटिक्स, तीरंदाजी आदि प्रतियोगिता का आयोजन भी किया जा रहा है। मेले का मुख्य उद्देश्य यमुना व टौंस घाटी की खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान देना है। पलायन को रोकना एवं पौराणिक संस्कृति का संरक्षण करना भी मेले का उद्देश्य है।