नौगांव (उत्तरकाशी)। गैर सरकारी विद्यालयों में शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत पढ़ रहे गरीब बच्चों को दो साल से एक्ट के तहत मिलने वाली सुविधाएं नहीं मिल पाई है। प्रदेश में 2011 से संचालित शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत विकास खंड नौगांव के 38 गैर सरकारी विद्यालयों के 1051 पात्र बच्चे नि:शुल्क पढ़ाई कर रहे हैं, जिन्हें स्कूल ड्रेस, मध्याह्न भोजन, किताबों के लिए मिलने वाली सहायता दो साल से नहीं मिल पाई है।
आरटीई के तहत गैर सरकारी विद्यालयों में अध्यनरत बच्चों को स्कूल ड्रेस के लिए 400, मध्याह्न भोजन का 6.75 रुपये प्रति दिन उपस्थिति के आधार पर तथा किताबों के लिए 150 रुपये मिलता है, जो बच्चों के खातों में दिया जाता है। वर्ष 2015-16 का बीस प्रतिशत तथा वर्ष 2016-17 का एक भी ढेला न तो विद्यालयों को मिल पाया है और न ही पात्र बच्चों को मिल पाया है। विकासखंड नौगांव के 1051 बच्चे विभिन्न गैर सरकारी विद्यालयों में पढ़ रहे हैं, जिनका वर्ष 2015-16 का बीस प्रतिशत तथा वर्ष 2016-17 की डिमांड का साठ लाख बकाया है, जिसका भुगतान मार्च तक हो जाना था। विभाग अब वर्ष 2017-18 की डिमांड तैयार कर रहा है। अभिभावक मनीष, अर्जुन सिंह, अरविंद, सोबन, जगेंद्र सिंह का कहना है कि कहीं उनके बच्चों को स्कूल से हटा न दिया जाए। जागृति पब्लिक विद्यालय के प्रधानाचार्य जयबीर सिंह चंद का कहना है कि आरटीई के तहत स्कूल में 65 बच्चे हैं, जिन्हें दो साल से यह लाभ नहीं मिला पा रहा है। जिला शिक्षाधिकारी प्रारंभिक शिक्षा आरएस रावत ने बताया कि सरकार से प्रतिपूर्ति की मांग की गई है।