तीस साल पुराना बकाया 272 करोड़ का बिल भुगतान नहीं होने पर ऊर्जा निगम ने आईडीपीएल फैक्ट्री के प्लांट की विद्युत आपूर्ति काट दी। शुक्रवार देर शाम तक बिजली बहाल नहीं हो पाई थी। लिहाजा प्लांट में दवाओं के उत्पादन पर असर पड़ना शुरू हो गया है।
बृहस्पतिवार को दोपहर केंद्रीय आईडीपीएल दवा प्लांट में की बिजली काटे जाने से दवा प्लांट में हड़कंप मच गया। आईडीपीएल प्रबंधन का कहना है कि दवा उत्पादन प्लांट बिजली काटने से पहले ऊर्जा निगम की ओर से फैक्ट्री को कोई नोटिस नहीं दिया गया। महाप्रबंधक जीएस बेदी ने कहा कि उक्त बकाया करीब तीस साल पुराना है।
जुलाई 2007 से आईडीपीएल प्रशासन फैक्ट्री और आवासीय कालोनी का प्रतिमाह बिजली बिल का नियमित रूप से भुगतान करता आ रहा है। इसके बावजूद पुराने बकाए के लिए फैक्ट्री प्लांट की बिजली काटने के संबंध में शनिवार को देहरादून में ऊर्जा निगम के उच्च अधिकारियों से संपर्क किया जाएगा।
आईडीपीएल प्रतिष्ठान में कई महत्वपूर्ण दवाईयों का उत्पादन किया जाता है। ऐसे में यदि जल्द बिजली प्लांट की विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं होती है तो उत्पादन में इसका असर पड़ना तय है। बदा दें कि कुछ महीने पहले भी बकाया भुगतान नहीं होने पर विद्युत विभाग ने फैक्ट्री की बिजली काट दी थी। तब करीब सप्ताह भर बाद बमुश्किल दोबारा प्लांट में विद्युत सप्लाई के बाद दवाओं का उत्पादन शुरू हो पाया था।
आईडीपीएल प्रबंधन ने वादा किया था कि, बकाया में से कुछ भुगतान कर देंगे। लेकिन, उन्होंने बकाया में से कुछ भी भुगतान
नहीं किया। लिहाजा फैक्ट्री प्लांट की विद्युत आपूर्ति बंद कर दी गई है।
- मधुसूदन, प्रवक्ता, उत्तराखंड पावर कारपोरेशन