उत्तराखंड की सियासी उठापटक आम जनता के लिए भी रोमांच का विषय बनी हुई है। इस उठापटक में भाजपा और कांग्रेसी नेता एक-दूसरे पर गंभीर से गंभीर आरोप लगाने से नहीं चूक रहे हैं, इसके ठीक उलट शुक्रवार को पूर्व सीएम हरीश रावत हंसते हुए, सांसद रमेश पोखरियाल निशंक, भगत सिंह कोश्यारी और माला राज्यलक्ष्मी शाह से मिले। यह नजारा समारोह में चर्चाओं में रहा।
जौलीग्रांट स्थित स्वामी राम हिमालयन यूनिवर्सिटी में शुक्रवार को पहला दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया। समारोह में पहले हरीश रावत को बतौर सीएम कार्यक्रम की अध्यक्षता करनी थी, लेकिन इस बीच हुए राजनीतिक उलट-पलट की वजह से उनका नाम हटा दिया गया।
शुक्रवार को समारोह स्थल पर सबसे पहली पंक्ति में नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट, सांसद डा. रमेश पोखरियाल निशंक, भगत सिंह कोश्यारी, माला राज्यलक्ष्मी शाह बैठे थे। जैसे ही पूर्व सीएम हरीश रावत ने पंडाल में प्रवेश किया तो सबकी निगाहें उन पर जम गईं। व्यवस्था संभाल रहे लोगों ने हरीश रावत को पहली पंक्ति में बैठाने के बजाए तीसरी पंक्ति में बैठने की सलाह दी।
वह तीसरी पंक्ति में चले भी गए लेकिन फिर अचानक नए निर्देश आए तो उन्हें विश्वविद्यालय के कुलपति डा. विजय धस्माना ने पहली पंक्ति में बैठने को कहा। अपनी सीट पर बैठने से पहले पूर्व सीएम ने तीनों सांसदों की ओर कदम बढ़ाए। सबसे पहले सांसद रमेश पोखरियाल निशंक, फिर भगत सिंह कोश्यारी से हंसकर हाथ मिलाया। इसके बाद टिहरी सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह का हालचाल जाना।
यह नजारा देखकर माहौल में बातों का सिलसिला गर्म हो गया। इसके बाद चर्चाएं तेज हो गईं। बाद में रावत को नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट के बराबर में बैठाया गया, लेकिन उन्होंने उनसे बात नहीं की। पूर्व सीएम और नेता प्रतिपक्ष के बीच की यह दूरी बिना कुछ कहे सब कुछ कह गई।
इन कांग्रेसियों पर भी जमी रही निगाहें
दीक्षांत समारोह में कांग्रेस उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना, पूर्व सिंचाई मंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शूरवीर सिंह सजवाण सहित कई कांग्रेसियों पर भी सबकी निगाहें रही। खासकर उस वक्त जब शूरवीर सिंह सजवाण, हंसते हुए सांसद भगत सिंह कोश्यारी से मिले। कांग्रेस उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना भी भाजपा महानगर अध्यक्ष उमेश अग्रवाल को गुड लक बोलते नजर आए। इन सब गतिविधियों का लोग अपने अपने मुताबिक मतलब निकालते रहे।