अगले 24 से 48 घंटों के दौरान बारिश की भविष्यवाणी ने उत्तराखंड में राहत और बचाव कार्य में जुटी एजेंसियों के माथे पर चिंता के बल डाल दिए हैं।
इनके लिए चिंता की बात यह है कि अब भी राज्य में विभिन्न जगहों पर लगभग 8000 लोग फंसे हुए हैं। सरकार ने अब तक 80 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का दावा किया है।
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राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए), सेना और आईटीबीपी ने सोमवार तक सभी यात्रियों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने का दावा किया है।
एनडीएमए के उपाध्यक्ष शशिधर रेड्डी और आईटीबीपी के महानिदेशक अजय चड्ढा ने बताया कि रविवार को राहत कार्य में जुटी टीम उन ठिकानों में भी पहुंचने में सफल रही जहां पहुंचना अब तक संभव नहीं हुआ था।
रेड्डी के मुताबिक राहत कार्यों में चार दर्जन हेलीकॉप्टर और 83 विमानों की सेवाएं ली गई। दिन भर चले ऑपरेशन में रविवार को 12 हजार लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचा दिया गया है।
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चड्ढा ने कहा कि सोमवार को ज्यादातर श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया जाएगा। हालांकि अभी भी कई ऐसे इलाके हैं जहां हेलीकॉप्टर उतार पाना संभव नहीं है।
उधर पत्र सूचना ब्यूरो की प्रिंसिपल डीजी नीलम कपूर के मुताबिक रविवार को एयरफोर्स ने 3100 और आईटीबीपी ने 4600 यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।
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अब भी लगभग दस हजार लोग विभिन्न स्थानों पर फंसे हैं। इनमें पांच हजार लोग अकेले बद्रीनाथ में फंसे हैं।
हालांकि कपूर ने दावा किया कि ये सभी वहां सुरक्षित हैं। इसी बीच आयात किए गए 75 सैटेलाइट फोन का इस्तेमाल शुरू हो चुका है। 549 सड़कें खोल दी गई हैं।
राहत कार्यों में 922 वाहनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। बीएसएनएल ने अपने कई टावरों को दुरुस्त कर लिया है। रविवार को राज्य में तीन ट्रक जरूरी दवाएं और डाक्टरों की कई टीम रवाना की गई है।
--1329 लोग केदारघाटी से निकाले गए, 979 सेना ने निकाले।
--1200 यात्रियों को गुप्तकाशी से दून, ऋषिकेश, हरिद्वार भेजा।
--1135 लोग चमोली जिले में गोविंदघाट से निकाले गए।
--800 यात्री बदरीनाथ धाम से सुरक्षित निकाले गए।
--700 यात्री यमुनोत्री धाम में फंसे थे, निकाल लिए गए।
--450 लोग उत्तरकाशी जिले के हर्षिल से बचाए गए हैं।
--400 लोग मनेरी-भटवाड़ी से सुरक्षित निकाले गए।
--200 तीर्थयात्री जानकीचट्टी से सुरक्षित लाए गए।