अरुणांचल के बाद अब उत्तराखंड पर राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया है। इसी के साथ प्रदेश की हरीश रावत सरकार को बर्खास्त कर दिया गया। रविवार को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया। राज्यपाल की रिपोर्ट पर केंद्रीय मंत्री मंडल की सिफारिश के बाद राष्ट्रपति ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा दिया।
आपको बता दें कि गृह मंत्रालय ने राज्यपाल से राज्य की ताजा हालात पर दोबारा रिपोर्ट मांगी थी। इस फैसले के बाद अब राज्य से लेकर केंद्र की राजनीति में हलचल मच गई है। बता दें कि इस बड़े फैसले के बीच उत्तराखंड विधानसभा भंग नहीं की गई है केवल निलंबित की गई है। राज्यपाल की रिपोर्ट पर केंद्रीय मंत्री मंडल की सिफारिश के बाद राष्ट्रपति ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा दिया।
उधर, उत्तराखंड मुख्यमंत्री का स्टिंग सामने के आने के दूसरे दिन रविवार को मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि केंद्रीय सत्ता राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की धमकी दे रही है।
उन्होंने कहा कि लगातार बीजेपी से राष्ट्रपति शासन लगाने की धमकियां मिल रही हैं। विपक्ष का ऐसा रवैया लोकतंत्र की पंरपरा की हत्या है। बीजेपी पर केंद्र में सत्ता पर होने का अहंकार है और इसी अहंकार में वह राज्य की राजनीति में निदंनीय प्रयास कर रही है।
प्रेस कांफ्रेंस में मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि राज्य में सरकार बदल के लिए जनता पर विश्वास नहीं किया जा रहा है, बल्कि पैसे पर विश्वाव किया जा रहा है। यह घटिया दर्जे की राजनीति है। उन्होंने कहा कि छोटे राज्य में लोकतंत्र की हत्या का यह दूसरा प्रयास है।
मेरा स्टिंग करने वाले खुद हैं 420
हरीश रावत
- फोटो : AmarUjala
शनिवार को सामने आऐ स्टिंग ऑपरेशन में उत्तराखंड मुख्यमंत्री हरीश रावत बागी नेताओं को पार्टी में वापस लाने के लिए पैसे देने की बात करते नजर आ रहे हैं।
यह स्टिंग जिस व्यक्ति द्वारा किया गया है वह किसी निजी समाचार चैनल में संपादक हैं। रविवार को प्रेस कांफ्रेंस में बोलते हुए मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि जिस स्टिंग को विपक्ष मेरे खिलाफ ब्रह्मास्त्र बता रहा है। उस स्टिंग को करने वाला व्यक्ति खुद 420 के केस में आरोपी है।
रावत ने कहा कि राजनीति के इस स्तर तक पहुंचने से पहले मैंने 50 साल उत्तराखंड में गांव-गलियों की खाक छानी है। राज्य की जनता के सुख-दुख में हमेशा साथ रहा हूं। स्टिंग को लेकर विपक्ष के लोग गलत फहमी में हैं। कथित स्टिंग पर भरोसा करने वाले लोगों से मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि कृपया स्टिंग करने वाले व्यक्ति के डीएनए की भी जांच करें और फिर सही गलत की पहचान करें।
हरीश रावत ने अपने स्टिंग के बारे में कोई सफाई नहीं दी
हरीश रावत
- फोटो : file photo
हरीश रावत ने कहा कि जल्द ही वह जनता के बीच में जाएंगे। उन्होंने कहा कि धनबल के आधार पर बीजेपी वापस राज्य की सत्ता में आना चाहती है।
धनबल से राज्य में राजनीति का अपहरण किया जा रहा है। प्रेस कांफ्रेंस में मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि मेरा डीएनए उत्तराखंड का डीएनए है। संवैधानिक संस्थाओं पर बीजेपी हमला कर रही है।
उधर, मीडिया से मुखातिब होते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अपने स्टिंग के बारे में कोई सफाई नहीं दी। उन्होंने इस बारे में कोई बात नहीं की कि वह कथित स्टिंग वीडियो में क्या कर रहे थे।