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चारधाम यात्राः चार आस्था शिखरों पर शीश नवाकर पाएं आशीष

Fri, 29 Apr 2016 02:01 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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केदारनाथ - फोटो : file photo
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देवभूमि तीर्थयात्रियों के स्वागत के लिए तैयार है। सरकारी मशीनरी युद्धस्तर पर यात्रा की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी है। राज्यपाल खुद चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर गंभीर हैं।
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पिछले दिनों राज्यपाल के निर्देश पर अधिकारियों ने केदारनाथ जाकर वहां की तैयारियों का जायजा लिया था। इंतजामों को भूल जाइए बस चारधाम यात्रा पूरा करने का मन में विश्वास कीजिए फिर देखिए सरकारी बदइंतजामी, तमाम तरह की दुश्वारी, प्रतिकूल भौगोलिक स्थिति सब पीछे छूट जाएगा। अक्षय तृतीय के दिन नौ मई को केदारनाथ धाम के कपाट खुलने से दो दिन पहले सात मई से चारधाम यात्रा की शुरूआत हो जाएगी। अमर उजाला चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए रूट, वाहन और अन्य जरूरी जानकारी साझा कर रहा है, ये जानकारी आपकी मंगलमयी यात्रा में काफी सहायक साबित होगी...

हरिद्वार में यहां से प्राप्त करें किराए पर वाहन
मई के प्रथम सप्ताह से शुरू हो रही चारधाम यात्रा पर जा रहे हैं तो इससे पहले हरिद्वार में रुककर भी पुण्य कमाया जा सकता है। धर्मनगरी हरिद्वार चारधाम यात्रा का प्रवेशद्वार है। अधिकतर यात्री इसी मार्ग से जाते हैं।  इसलिए प्रशासन ने यहां भी यात्रियों के आवागमन को देखते हुए यात्रा सीजन की पूरी तैयारी कर ली है। हर की पैड़ी पर गंगा स्नान के अलावा कई अन्य प्रमुख मंदिर भी हैं जो दुनिया भर के श्रद्धालुओं को आकर्षित करते हैं इनमें प्रमुख रूप से माता मनसा देवी, माता चंडी देवी, मां माया देवी, भारत माता मंदिर, लाला माता मंदिर, सुरेश्वरी देवी मंदिर, दक्ष महादेव मंदिर, शीतला माता, विल्केश्वर, नीलेश्वर, गीता मंदिर, गौरीशंकर, तिलभांडेश्वर आदि शामिल हैं। यहां भी प्रवास कर चार धाम यात्रा के साथ पुण्य कमाया जा सकता है।
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इस बार सुगम होगी चारधाम यात्रा
चारधाम यात्रा इस बार ज्यादा सुगम होगी। तीर्थयात्रियों को समय से वाहन मिलेंगे और मनमाना किराया भी नहीं देना पड़ेगा। दरअसल, इस बार यात्रा संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति के तहत संचालित होगी, जो तीन साल से भंग चल रही थी। समिति को प्रशासन का भी पूरा सहयोग रहेगा।
संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति का किराया

धाम - किराया प्रति यात्री
एक - 945 रुपये
दो धाम - 1270 रुपये
तीन धाम - 1950 रुपये
चारधाम - 2235 रुपये
गढ़वाल मंडल विकास निगम का पैकेज किराया
ऋषिकेश-केदारनाथ-बदरीनाथ छह दिन-छह रात : 8, 840 रुपये प्रतिव्यक्ति।
हरिद्वार-केदारनाथ-बदरीनाथ छह दिन और छह रात : 6, 750 रुपये प्रति व्यक्ति।
हरिद्वार-यमुनोत्री-गंगोत्री-केदारनाथ-बदरीनाथ 10 दिन और 10 रात : 9090 रुपये प्रतिव्यक्ति।
ऋषिकेश-यमुनोत्री-गंगोत्री-केदारनाथ-बदरीनाथ 10 दिन और 10 रात-14, 510 रुपये प्रतिव्यक्ति।
ऋषिकेश-बदरीनाथ 4 दिन और चार रात भोजन के साथ 7,980 रुपये प्रतिव्यक्ति।
नोट : पैकेज में आने-जाने के साथ रहने और भोजन की व्यवस्था शामिल है।

यहां से मिलेंगे वाहन

- फोटो : अमर उजाला
वैसे तो यात्रा का विधिवत शुभारंभ ऋषिकेश से माना जाता है लेकिन हरिद्वार से चार धाम यात्रा के लिए टैक्सी और बसें उपलब्ध रहती हैं, रोडवेज की ओर से इस यात्रा के लिए सीमित बसें उपलब्ध कराई जाती हैं, लेकिन रोडवेज बस अड्डे के पास स्थित जीएमओयू और गढवाल मंडल विकास निगम की ओर से बसें पैकेज सुविधा के साथ चारधाम यात्रा के लिए उपलब्ध कराई जाती हैं। इसके अलावा प्राइवेट ट्रैवल एजेंसियां होटल और धर्मशालाओं से भी अपनी सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। होटलों और धर्मशालाओं में भी यात्रियों को अपने यहां ठहराने के लिए आकर्षक ऑफर के साथ तैयारी की जा रही है।

यह है रेट
गढवाल मंडल विकास निगम की बसें
चारधाम --- 15380 प्रति यात्री
दो धाम --- 9000 प्रति यात्री
बदरीनाथ -- 7000 प्रति यात्री
27 सीटर टू बाई टू बस

प्राइवेट टैक्सी -- चारधाम -- 26,000
प्राइवेट टैक्सी - दो धाम --  14,000
प्राइवेट बस 14 सीटर--- चारधाम -- 46,000
प्राइवेट बस 14 सीटर-- दो धाम -- 24,000
प्राइवेट बस बस 28 सीटर -- चारधाम -- 70,000
प्राइवेट बस बस 28 सीटर -- दो धाम -- 35,000

सिंगल विंडो सिस्टम दूर करेगा परेशानी
जिलाधिकारी ने चारधाम यात्रियों के लिए रेलवे स्टेशन पर सिंगल विंडो काउंटर स्थापित करने के आदेश दिए हैं। हरिद्वार के जिलाधिकारी हरबंस सिंह चुघ ने बताया कि वहां तैनात कर्मचारी होटलों, बसों और चारधाम यात्रा जाने के रास्तों के बारे में जानकारी देंगे।

फोटो मीट्रिक रजिस्ट्रेशन जरूरी
उत्तराखंड में प्रवेश के बाद यात्रा पर आ रहे श्रद्धालुओं का हरिद्वार और ऋषिकेश से ही फोटोमीटिक रजिस्ट्रेशन शुरू हो जाएगा। गुप्तकाशी, फाटा, सोनप्रयाग और केदारनाथ में भी रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। पंजीकरण और वेरीफिकेशन नहीं होने पर वापस लौटाया जाएगा। इसके अलावा गुप्तकाशी और फाटा में चिकिंग के बाद वाहनों को आगे बढ़ना दिया जाएगा।

सोनप्रयाग के बाद कोई निजी वाहन आगे नहीं जा सकेगा। पर्यटन विभाग और त्रिलोक सिक्योरिटी सिस्टम की ओर से फोटोमीट्रिक पंजीकरण शुरू कर दिया है। अभी तक बाहरी प्रांतों के 780 यात्रियों ने फोटोमीट्रिक पंजीकरण के तहत बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमनोत्री के दर्शन के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा लिया है।

142 पैदल यात्री आस्थापथ पर रवाना
त्रिलोक सिक्योरिटी सर्विसेज कंपनी के मुताबिक एक अप्रेल से 26 अप्रैल तक 142 पैदल यात्री फोटोमीट्रिक पंजीकरण करवाने के बाद चारधाम यात्रा के लिए रवाना हो चुके हैं। इनमें अधिकांश साधु हैं।

चारधाम जाने वालों को जारी होंगे ग्रीन कार्ड
हरिद्वार बाईपास मार्ग स्थित एआरटीओ कार्यालय में चारधाम यात्रा पर जाने वाले वाहनों को ग्रीन कार्ड जारी होंगे। सहायक परिवहन अधिकारी डॉ. अनीता चमोला ने बताया कि यात्रा में संचालित स्थानीय वाहनों का ग्रीन कार्ड दो महीने के लिए और बाहरी वाहनों के ग्रीन कार्ड के लिए 15 दिन वैध होंगे। वधता समाप्त होने पर चेक पोस्ट पर प्रवेश पत्र की प्रति दिखाने के बाद ही ग्रीन कार्ड का नवीनीकरण होगा।

ग्रीनकार्ड के मानक
वाहन में आगे के दोनों टायर नए होने चाहिए।
वाहन के वाइपर ठीक से काम करते हों।
वाहन में फर्स्ट एड बॉक्स की व्यवस्था हो।
एलायमेंट, इंजन की स्थिति मानकों के अनुरूप हो।
इंश्योरेंस और रजिस्ट्रेशन ओके होना चाहिए।

ग्रीन कार्ड का निर्धारित शुल्क
भारी वाहन - 400 रुपये
मीडियम वाहन - 300 रुपये
हल्के वाहन - 200 रुपये

एक मई से खुलेंगे चेक पोस्ट
वाहनों की जांच के लिए तीर्थनगरी गंगोत्री हाईवे पर भद्रकाली में और बदरीनाथ हाईवे पर तपोवन में दो चेक पोस्ट खोले जाएंगे। यहां प्रवर्तन दल की तैनाती होगी, जो वाहनों की सघन जांच करेंगे। इन चोक पोस्टों मे एक मई से कार्य शुरू हो जाएगा।

जानकारी चाहिए तो नंबर घुमाइये

- फोटो : demo
बदरी-केदार मंदिर समिति कार्यालय
श्रीबदरीनाथ मंदिर - 01381-222204/05/06
श्रीकेदारनाथ मंदिर - 01364-263231
ऋषिकेश - 0135-2430261

गढ़वाल मंडल विकास निगम
ऋषिकेश - 0135-2431793,
पुलिस ऋषिकेश - 0135- 2430100, 100
आपातकालीन - 108
रोटेशन समिति, ऋषिकेश - 0135- 2432013
टैक्सी यूनियन, ऋषिकेश - 0135- 2430413
एसपी उत्तरकाशी - 9411112733
गंगोत्री मंदिर समिति अध्यक्ष-  9411399572
यमुनोत्री समिति अध्यक्ष/एसडीएम-9412076322
कोतवाली रुद्रप्रयाग - 01364-2333208
एसपी रुद्रप्रयाग - 9411112699
कंट्रोल रूम, रुद्रप्रयाग    01364-233727
पुलिस थाना-बदरीनाथ-01381-222203
पुलिस अधीक्षक, चमोली-9411112722
पवनहंस एविएशन कंपनी, फाटा : 01364-265325, 9410911952, 9411172812
प्रभातम एविएशन-फाटा : 9868108497

ट्रेन सेवा सीमित, टैक्सी असीमित
चार धाम यात्रा पर आने के लिए दिल्ली से हरिद्वार, देहरादून और ऋषिकेश तक ही ट्रेन सुविधा उपलब्ध है। यदि आप कुमाऊं की ओर से चार धाम यात्रा पर आना चाहते हैं, तो काठगोदाम से सीधे हरिद्वार-ऋषिकेश तक ट्रेन से पहुुंच सकते हैं। टैक्सी की सुविधा हर छोटे-बडे़ कस्बे में उपलब्ध है। हरिद्वार, देहरादून, ऋषिकेश, देवप्रयाग, श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, कर्णप्रयाग, गोपेश्वर, जोशीमठ, टिहरी, उत्तरकाशी समेत तमाम अन्य स्थानों से आसानी से टैक्सी मिल जाती है। उत्तराखंड परिवहन निगम की सीमित बस सेवा यात्रा रूट पर उपलब्ध हैं।

केदारनाथ हवाई मार्ग :
निकटतम हवाई अड्डा जॉलीग्रांट केदारनाथ से करीब दूर 258 किमी दूर है। यहां से हेलीकॉप्टर से सीधे अगस्त्यमुनि, मस्ता, नारायणकोटी, फाटा, मैखंडा और शेरसी पहुंचा जा सकता है। इन हेलीपैड से भी केदारनाथ के लिए हेलीकॉप्टर सेवा संचालित होती है। बीते वर्ष दस निजी कंपनियों ने केदारनाथ के लिए हवाई सेवा संचालित की गई थी, जो इस बार बढ़ सकती हैं। इस बार हेली कंपनियों द्वारा गुप्तकाशी से केदारनाथ हेलीकॉप्टर का दो तरफा किराया 77 सौ रुपये बताया जा रहा है।

रेल व सड़क मार्ग 
दिल्ली व देश के विभिन्न प्रांतों से रेल से बाबा केदारनाथ के दर्शनों को पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को रेलवे स्टेशन ऋषिकेश और हरिद्वार पहुंचना होगा। यहां से ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग से 242 किमी का सफर तय कर रुद्रप्रयाग पहुंचना होगा। यहां से रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राजमार्ग पर 72 किमी का सफर तय कर सोनप्रयाग पहुंचा जा सकता है। श्रद्धालु बुकिंग बस, जीएमओयू, हिमगिरी, विश्वनाथ और उत्तराखंड परिवहन की बस या निजी टैक्सी व प्राइवेट टैक्सी से पहुंचा सकेंगे। ऋषिकेश से गौरीकुंड बस किराया एक तरफा प्रति सीट 350 रुपया है।

यहां रुक सकते हैं आप
यात्रा रूट पर छोटे-बडे़ तमाम प्राइवेट होटल मौजूद हैं। यहां पर तीन सौ रुपये से लेकर पांच हजार रुपये प्रतिदिन के हिसाब से रहने सुविधा उपलब्ध है। इसके अलावा पर्यटन विभाग के उमक्रम गढ़वाल मंडल विकास निगम के 90 रेस्ट हाउस हैं, जहां डीलक्स से लेकर डारमेट्री तक की सारी सुविधा मौजूद है। इनकी क्षमता एक दिन में पांच हजार यात्रियों को रुकवाने की है। रहने की फीस 350 रुपये से शुरू होकर अधिकतम पांच हजार रुपये प्रति दिन तक है। इसके अलावा श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के 52 विश्राम गृह हैं, जिनमें करीब तीन हजार लोग एक दिन में रुक सकते हैं। इनमें प्रतिदिन की फीस सौ से छह सौ रुपये तक है। काली कमली संस्था समेत तमाम धार्मिक  संस्थाओं की धर्मशालाएं भी यात्रा रूट पर थोड़ी थोड़ी दूरी पर स्थित है, जहां रुकने की अच्छी और सस्ती व्यवस्था है। इसके अलावा इस बार केदारनाथ धाम में इस बार एक रात्रि में जहां पांच हजार यात्रियों को ठहराने की व्यवस्था हो रही है। वहीं इस बार यात्रा में तीन लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। सोनप्रयाग से लेकर केदारनाथ और पैदल रास्ते के पड़ावों पर श्रद्धालुओं के लिए ठहरने और खाने की व्यवस्था की जा रही है। एमआई-26 हेलीपैड पर 120 कॉटेज बनाए जा रहे हैं, जिसमें कम से कम छह सौ श्रद्धालुओं को ठहराया जाएगा। इसके अलावा यहां टेंट कॉलोनी भी यात्रा सीजन तक तैयार हो जाएंगी

बदरीधाम में विशेष पूजा टिकट काउंटर
बदरीनाथ धाम में इस बार तीर्थयात्रियों को भगवान बदरीनाथ की विशेष पूजाओं में शामिल होने के लिए नहीं भटकना पड़ेगा। इस बार बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति मंदिर परिसर के साथ ही नीलकंठ होटल, बस स्टैंड और जीएमवीएन गेस्ट हाउस के सामने विभिन्न पूजाओं की बुकिंग के लिए टिकट काउंटर स्थापित करेगी। यहां बदरीनाथ की मध्य रात्रि की महाभिषेक पूजा, रुद्राभिषेक, लघु रुद्राभिषेक, संपूर्ण आरती, षोड़षोपचार, संपूर्ण पूजा, अखंड ज्योति वार्षिक, भैरव पूजन, शिव सहस्त्रनामावली और साधारण भोग पूजा के टिकट प्राप्त हो सकेंगे। अभी तक सिर्फ मंदिर परिसर में ही पूजा बुकिंग के लिए टिकट मिलते थे, जिससे भारी भीड़ जमा होने से यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता था।
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ऐसे पहुंचें चारधाम

- फोटो : demo
ऐसे पहुंचें यमुनोत्री धाम
यमुनोत्री पहुंचने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से हरिद्वार, ऋषिकेश एवं देहरादून तक रेल सुविधा और जौलीग्रांट तक हवाई सेवा उपलब्ध है। इन स्थानों से टैक्सी एवं बस सेवा से यमुनोत्री पहुंच सकते हैं। ऋषिकेश से यमुनोत्री का अंतिम सड़क पड़ाव जानकीचट्टी 242 किमी तथा देहरादून से मसूरी होते हुए 180 किमी है। इसके लिए बस एवं टैक्सी जाती हैं। जानकीचट्टी से यमुनोत्री तक पांच किमी की चढ़ाई वाली दूरी तय करनी होती है। यहां डोली, कंडी तथा घोड़े-खच्चर की सुविधा भी उपलब्ध है।

ऐसे पहुंचें गंगोत्री धाम
गंगोत्री पहुंचने के लिए हरिद्वार, ऋषिकेश एवं देहरादून तक रेल और जौलीग्रांट तक हवाई सेवा उपलब्ध है। ऋषिकेश से गंगोत्री की सड़क दूरी 282 किमी है। जबकि देहरादून से मसूरी-सूआखोली होते हुए गंगोत्री 260 किमी दूर है। यमुनोत्री से धरासू बैंड होते हुए गंगोत्री पहुंचने के लिए यात्रियों को 222 किमी दूरी बस, टैक्सी से तय करनी होती है।

ऐसे पहुंचे बदरीनाथ धाम 
बदरीनाथ धाम तक पहुंचने के लिए ऋषिकेश से 296 किमी की दूरी मोटर मार्ग से तय करनी होती है। धाम में बस व टैक्सी स्टैंड से मात्र आधा किमी की दूरी पर भगवान बदरीनाथ का भव्य मंदिर स्थित है। यदि कुमाऊं से आप यात्रा पर आ रहे हैं, तो गैरसैंण या ग्वालदम से प्रवेश करते हुए कर्णप्रयाग होकर बदरीनाथ पहुंच सकते हैं।

केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग 
ऋषिकेश से देवप्रयाग, श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, कर्णप्रयाग, चमोली, जोशीमठ होते हुए श्री बदरीनाथ पहुंचा जाता है। केदारनाथ यात्रा के लिए ऋषिकेश से रुद्रप्रयाग तक का रूट समान है। इसके बाद, रूट डायवर्ट होता है और अगस्त्यमुनि, गुप्तकाशी, गौरीकुंड होते हुए केदारनाथ पहुंचा जाता है। वैसे, दिल्ली से आप कोटद्वार, पौड़ी होते हुए बदरीनाथ-केदारनाथ पहुंच सकते हैं। वहीं पैदल यात्रियों के लिए केदारनाथ धाम के लिए गौरीकुंड से करीब 16 किमी पैदल रास्ता तय करना पड़ता है। गौरीकुंड से भीमबली तक रास्ता छह फुट चौड़ा है। जबकि रामबाड़ा से लिनचौली तक यह साढ़े 5 फिट चौड़ा है और यह पूरी चढ़ाई वाली मार्ग है। बड़ी लिनचौली के बाद रास्ता सीधा है। जो श्रद्धालु पैदल चलने में असमर्थ हैं, वे गौरीकुंड से केदारनाथ तक डंडी-कंडी और घोड़ा-खच्चर से यात्रा कर सकते हैं। सोनप्रयाग और गौरीकुंड से केदारनाथ के लिए घोड़ा-खच्चर उपलब्ध रहते हैं। 

एक क्लिक करें
चारधाम यात्रा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां इंटरनेट पर भी उपलब्?ध हैं। इनमें बद्रीनाथ मंदिर और गढ़वाल मंडल विकास निगम की वेबसाइट प्रमुख हैं....
www.badarikedar.org
www.badarikedar.gov.in
www.gmvn.com 

मौसम, मेडिकल सुविधा 
केदारनाथ में मौमस कब बदल जाए, कहना मुश्किल है। यहां दोपहर बाद अक्सर बारिश और बर्फबारी की संभावना बनी रहती है। यहां अधिकतम तापमान 8 से 21 के बीच और न्यनूतम माइनस 1 डिग्री से 3 डिग्री के बीच रहने की संभावना है। केदारनाथ में विषम परिस्थितियां देखते हुए स्वास्थ्य विभाग सोनप्रयाग में श्रद्धालुओं का मेडिकल परीक्षण करेगा। फिट होने पर ही आगे जाने की अनुमति दी जाएगी। आपातकालीन स्थिति के लिए रुद्रप्रयाग में जिला अस्पताल में जरूरी व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं। पड़ावों पर भी यात्रियों के मेडिकल चेकअप की सुविधा रहेगी। बदरीनाथ क्षेत्र में मौसम कब करवट बदल ले पता ही नहीं चलता। इससे सांस के रोगियों को दिक्कत हो सकती है। धाम में एक एलोपेथिक अस्पताल हैं, जहां दो विशेषज्ञ डॉक्टर और फार्मेसिस्ट 24 घंटे अपनी सेवाएं देंगे। धाम में प्रतिवर्ष नेयति ट्रस्ट की ओर से भी फ्री स्वास्थ्य सुविधाएं दी जाती हैं। धाम में 108 सेवा भी 24 घंटे मौजूद रहेगी। यमुनोत्री में तापमान गर्मियों में भी करीब 5 से 15 डिग्री सैल्सियस के बीच रहता है। गंगोत्री में गर्मियों के समय दिन में पारा 25 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। हालांकि सुबह और शाम तापमान 5 डिग्री के आसपास रहता है। 

एहतियात 
चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालु अपने साथ गर्म कपड़े,  सन क्रीम, सन ग्लासेज, गर्म मौजे और रेनकोट जरूर साथ में लाएं, क्योंकि यहां मौसम कभी भी बदल सकता है। यात्रा रूट पर खान-पान में परहेज रखें और यात्रा रूट और धाम में गुनगुने पानी का सेवन करें। खासतौर पर बदरीनाथ और केदारनाथ में। हृदय रोगी हो सके तो अपने साथ ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर आएं। साथ में सिर और बदन दर्द की दवाएं जरूर रखें। इसके अलावा यात्री अपने पानी की बोतल, बिस्कुट, चिप्स आदि हल्का खाने की सामग्री भी रखें। यात्रा मार्ग पर मेडिकल रिलीफ पोस्ट (एमआरपी) हैं, स्वास्थ्य परीक्षण करा लें।
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