चारधाम यात्रा में संचालित वाहनों के चालक और परिचालकों को वर्दी पहनना अनिवार्य किया गया है।
वाहन चलाते समय म्यूजिक सिस्टम, मोबाइल और धूम्रपान का प्रयोग प्रतिबंधित है। नियमों का उल्लंघन करने पर चालान होगा। परिवहन विभाग ने चारधाम यात्रा को दुर्घटना रहित बनाने के लिए परिवहन कंपनियों और ट्रैवेल्स एजेंसी के संचालकों को यातायात नियमों का पालन कराने का निर्देश दिया है।
शुक्रवार को हरिद्वार बाईपास मार्ग पर स्थित सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय में चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर एआरटीओ डॉ. अनीता चमोला ने यात्रा में वाहन संचालित करने वाली निजी परिवहन कंपनियों और ट्रैवेल्स एजेंसी संचालकों की बैठक ली।
उन्होंने बताया कि सात मई से शुरू हो रही चारधाम यात्रा को निर्विघभन संपन्न कराने के लिए परिवहन विभाग ने चालकों के लिए गाइड लाइन जारी की है। यात्रा से पहले वाहन के समस्त प्रपत्र वैद्य होने अनिवार्य हैं। ढलान पर इंजन बंद कर वाहन नहीं चलाए, वाहन में फर्स्ट एड बॉक्स, आवश्यक टूल, स्टेपनी, रस्सा, तिरपाल जरूर साथ रखें। ओवरलोडिंग और छत पर सवारियां न बैठाएं।
वाहन चप्पल में नहीं जूते पहनकर चलाएं। प्रेशर हार्न का प्रयोग वर्जित है। एआरटीओ ने हिदायत दी कि चेकिंग के दौरान नियमों का उल्लंघन मिलने पर चालान होगा। जरूरत पड़ी तो वाहन सीज करने की कार्रवाई होगी।
बैठक में संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति कार्यालय प्रभारी मदनमोहन कोठारी, यातायात पर्यटन विकास सहकारी संघ उपाध्यक्ष मनोज ध्यानी, रूपकुंड अध्यक्ष भूपाल सिंह नेगी, प्यारेलाल जुगरान, अमरदेव, पंकज शर्मा, महेश शर्मा आदि मौजूद थे।
यात्रियों के लिए सुझाव
अवैध वाहनों में यात्रा न करें। यात्रा में आवश्यक खाद्य सामाग्री, दवाईयां साथ लेकर जाएं। यात्रा करते समय शरीर का कोई अंग वाहन से बाहर न निकाले। अनजान व्यक्ति से खाने पीने का सामान नहीं लें। वाहन की बुकिंग अधिकृत ट्रेवल्स एजेंट से ही कराएं। वाहन में ज्वलनशील पदार्थ लेकर यात्रा न करें।