शहर की सड़कों पर बगैर पंजीकरण चल रहे ई-रिक्शा वाहनों पर अंकुश लगाने के लिए यातायात पुलिस ने ई-रिक्शा चालकों को सख्त निर्देश दिए हैं। रविवार को सीओ यातायात बीएस भंडारी ने चालकों के साथ मोदी मैदान में वार्ता कर ई-रिक्शा वाहनों को परिवहन विभाग में पंजीकरण करवाने और डीएल बनवाने के निर्देश दिए।
सीओ यातायत भंडारी ने कहा कि ई-रिक्शा के बेतरतीब संचालन से शहर में यातायात प्रभावित हो रहा है। कई ई-रिक्शा बगैर पंजीकरण ही संचालित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि ई-रिक्शा चालक अपना सत्यापन अनिवार्य रूप से करवाएं। इस दौरान ई-रिक्शा चालकों ने भी अपनी समस्याएं सीओ यातायात के समक्ष रखीं। कहा कि जब तक वाहन के ऋण की सभी किस्तें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक निर्माता कंपनी ई-रिक्शा के दस्तावेज नहीं सौंपती हैं।
इसके बावजूद पुलिस कर्मी ई-रिक्शा का चालान काट देते हैं। 60 वर्षीय ई-रिक्शा चालक ओंकार श्रीवास्तव ने कहा कि उम्र अधिक होने के कारण उनका ड्राइविंग लाइसेंस नहीं बन पा रहा है। भरण पोषण के लिए ई-रिक्शा चलाने के अलावा दूसरा अन्य कोई विकल्प भी नहीं है, लेकिन पुलिसकर्मी उनकी मजबूरी नहीं समझते हैं। कुछ ई-रिक्शा चालकों ने ट्रैफिक पुलिस के सिपाहियों पर अवैध वसूली और सार्वजनिक रूप से गाली गालौज करने का आरोप भी लगाया। कुछ ई-रिक्शा चालकों ने नगर निगम कर्मियों पर भी अवैध वसूूली का आरोप लगाया।
सीओ यातायात ने कहा कि वाहन का पंजीकरण, डीएल आदि होने व यातायात नियमों का पालन करने के बावजूद यदि कोई पुलिस कर्मी अवैध वसूली करता है, तो इसकी शिकायत करें। आरोप पुष्ट होने पर पुलिस कर्मी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम कर्मियों के खिलाफ मिली शिकायत पर सीओ यातायात ने कहा कि वह इस मामले में नगर आयुक्त से वार्ता करेंगे। वहां यातायात इंस्पेक्टर विजय विक्रय, सीपीयू प्रभारी हयात सिंह, ई-रिक्शा यूनियन अध्यक्ष अजय शुक्ला, सूरज शर्मा, बलजीत सिंह, धर्मेद्र सिंह, अंशदीप, पंचानन मंडल, मो. अकरम,अनवर, धर्मेंद्र गिल, पारितोष मंडल, शंकर आदि मौजूद रहे।